उन्नाव की तरह इस बेटी को मारना चाहता था खेमका, आठ माह तक घर में कैद रही दुष्कर्म पीड़िता

गुटखा कारोबारी के बेटे ने छात्रा के साथ किया था दुष्कर्म, पाॅस्को एक्ट सहित कई धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने नहीं किया गिरफ्तार, कोर्ट के आदेश के बाद की कार्रवाई।

By: Vinod Nigam

Published: 08 Dec 2019, 02:53 PM IST

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। हैदराबाद में दुष्कर्म के बाद युवती को जिंदा जलाने के मामले पर देशभर के लोगों में गुस्सा भरा हुआ है. इन सबके बीच उन्नाव के बिहार थाना क्षेत्र के हिंदूनगर गांव में एक दुष्कर्म पीड़िता को जिंदा जलाकर मौत के घाट उतार दिया गया। जिसके कारण गुस्साए लोग सड़क से लेकर संसद तक आंदोलन कर रहे हैं। उन्नाव की तरह ही एक ऐसा ही मामला कानपुर के कल्याणपुर थानाक्षेत्र में सामनें आया है। यहां के नामी पान-मसाला कारोबारी के बेटे ने युवती के साथ रेप किया। पुलिस ने पास्को एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा भी दर्ज कर लिया, पर जांच के नाम पर उसे गिरफ्तार नहीं किया गया। आठ माह तक आरोपी पीड़िता को ंिजदा जलाने का धमकी देता रहा। जिसके चलते वह घर के अंदर कैद रही। कोर्ट के दखल के बाद यूपी पुलिस की जागी और आरोपी को पकड़ कर जेल भेजा।

गुटखा कारोबारी का बेटा है आरोपी
कल्याणपुर थाना क्षेत्र के एनआरआई सिटी निवासी सुनील खेमका प्रतिष्ठित गुटखा व्यवसाई हैं और उनके शुद्ध प्लस सहित कई ब्रांड चलते हैं। सुनील की कंपनी में एक युवती काम करती थी और उसने मार्च माह में कल्याणपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि सुनील का बेटा आषुष खेमका करीब डेढ़ वर्ष तक शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करता रहा। पीड़िता ने बताया था कि जब शादी का दबाव बनाया गया तो घर बुलाकर आरोपित ने मारपीट की थी। पुलिस ने पीड़िता की तहरीर पर दुष्कर्म सहित पॉस्को एक्ट में मुकदमा दर्ज कर लिया। लेकिन अपने रसूख के चलते आरोपी पुलिस पर बराबर दबाव बनाता रहा और गिरफ्तारी से बचता रहा। युवती का आरोप है कि खादी और खाकी के संरक्षण में आरोपी मुझे जान से मारने की प्लाॅन बनाया। जिसके चलते मैं घर से बाहर नहीं निकली।

घुट-घुट की जिंदगी काटी
पीड़िता के मुताबिक पुलिस ने जब आरोपी पर कार्रवाई नहीं की तो मैं न्यायालय की शरण में गयी। न्यायालय ने तत्काल आरोपी को गिरफ्तार करने का निर्देश दे दिया। जिसके चलते कल्याणपुर पुलिस ने बुधवार को दुष्कर्म आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। पीड़िता के मुताबिक पूरे आठ माह तक मैं अपनी मां के साथ घुट-घुट कर जिंदगी गुजारी। शाम होते ही घर के अंदर कैद हो जाती। आरोपी अपने साथियों के साथ मेरे घर के बाहर आता और मुकदमा वापस का दबाव बनाता। ऐसा नहीं करने पर पूरे परिवार समेत तेजाब से जिंदा जलाकर मारने की धमकी देता।

कल्याणपुर थाने में दर्ज था मुकदमा
पीड़िता की मां ने बताया कि 13 मार्च 2019 को कल्याणपुर थाने में एफआईआर लिखाई थी। जिसमे लड़की के घटना के समय नबालिक होने के चलते पास्को एक्ट भी लगाया गया था। आरोपी ने दुष्कर्म का वीडियो भी बनाया था। पीड़िता की मां का आरोप है कि आरोपी ने बेटी को फोन कर धमकी दी थी कि यदि पुलिस से शिकायत की तो वीडियो को सोशल मीडिया में वायरल कर दूंगा। आरोपी की इस हरकत से आहत होकर हम उसके पिता के पास गए और शिकायत की। जिस पर आरोपी के सुनील खेमका और मां नीलम खेमका ने घर में अपने बाडीगार्डों के जरिए हमें पिटवाया था।

गार्ड से पिटवाया
पीड़िता ने आरोप लगाते हुए बताया कि दुष्कर्म आरोपित की शहर में अच्छी पैठ है और बड़ा व्यवसाई है। उसे कानपुर जेल में रखा गया। हमनें इसका विरोध किया तो उसे लखनऊ जेल में शिफ्ट किया है। पीड़िता की मां ने कहा कि राजनीतिक दबाब और चंद पैसों के कारण पुलिस आज भी गरीब, पीड़ित व बेटियों के साथ न्याय नहीं करती। दुष्कर्म के आरोपी पीड़िताओं पर मुकदमा वापस करने का दबाव बनानें थे और मना करने पर उन्हें मार देते हैं।

कोर्ट के आदेश के बाद दबोचा
पीड़िता ने प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ और डीजीपी ओपी सिंह से मांग की है कि वह पहले पुलिस की कार्यप्रणाली को सुधारने की ठोस पहल करें। लापरवाह पुलिस अधिकारियों पर भी मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजें। जिससे कि वह आरोपियों को बचाने के बजाए कार्रवाई करें। वहीं मामले परकल्याणपुर के डिप्टी एसपी अजय कुमार ने बताया कि कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपित जीटी रोड से बाहर भागने की फिराक में हैं। जिसके बाद पुलिस का जाल बिछाया गया और छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के गेट के सामने चेकिंग लगायी गयी और आरोपित को गिरफ्तार कर लिया गया। इंस्पेक्टर ने बताया कि आरोपित को कोर्ट में पेश किया गया है और कोर्ट ने कानपुर की जगह लखनऊ जेल भेज दिया है।

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