आज़ादी के जश्न में डूबे थे स्कूल के नन्हे मुन्ने बच्चे फिर ऐसा हुआ कि सन्नाटा पसर गया

Arvind Kumar Verma | Publish: Aug, 15 2018 05:46:38 PM (IST) | Updated: Aug, 17 2018 06:06:45 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

स्कूल परिसर मे स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम चल रहा था, तभी राष्ट्रीय ध्वज लगे लोहे के पाईप में करंट आने से चार बच्चे व एक शिक्षक झुलस गये।

कानपुर देहात-आज़ादी के आज 72वें पावन पर्व पर समूचे जनपद में लोग हर्षोउल्लास में डूबे थे। जनपद कानपुर देहात में भी स्कूलों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम हो रहे थे। जहां स्वतंत्रता दिवस पर आज़ादी की खुशी में सभी मदमस्त थे, वहीं जिले के मंगलपुर थानाक्षेत्र के जैतापुर गांव में हर्षोउल्लास के बीच उस समय सन्नाटा पसर गया, जब गांव के प्राथमिक विद्यालय परिसर में राष्ट्रीय ध्वज लेकर जा रहे लोहे का पाइप करंट की चपेट में आने से चार स्कूली बच्चे बुरी तरह झुलस गए। करंट की चपेट में आये बच्चे देख साथ चल रहे शिक्षक ने हालांकि मसक्कत कर बच्चों को करंट से अलग तो कर दिया लेकिन तब तक बच्चे झुलस चुके थे। घटना के बाद हर्षोउल्लास का माहौल सन्नाटे में तब्दील हो गया। आनन फानन में ग्रामीणों ने झुलसे बच्चों को सीएचसी हवासपुर पहुंचाया। जहां मौजूद डाक्टर ने दो बच्चों को गम्भीर देख जिला अस्पताल रेफर कर दिया। दशेष दो बच्चों का इलाज किया जा रहा है।

 

11 हजार लाईन की चपेट में आये बच्चे

दरअसल आज़ादी के जश्न में कौन नहीं रंगना चाहता है। ठीक ऐसा ही कुछ आलम जैतापुर परिषदीय विद्यालय में भी था। बताया गया कि गांव में प्राथमिक व जूनियर विद्यालय एक ही परिसर में बने हुए हैं। स्वतंत्रता दिवस का कार्यक्रम था। बच्चे लोहे के पाइप में लगे अपने तिरंगा को लेकर जा रहे थे। तभी वह लोहे का पाइप ऊपर ने निकली विद्युत की 11 हजार लाइन के तार की चपेट में आ गया। करंट पाइप में आने से एकाएक बच्चे करंट की चपेट में आ गए।

 

बचाने गये शिक्षक भी झुलसे

बच्चों को चिपका देख मौजूद पल्हनापुर निवासी शिक्षक लक्ष्मण सिंह ने तत्काल पाइप से बच्चों को अलग करने का प्रयास किया। जिसमें शिक्षक भी करंट की चपेट में आ गया, जिससे उनका पैर झुलस गया। घटना देख जहां स्कूल परिसर में सन्नाटा छा गया। विद्यालय सहित गांव में अफरा तफरी का माहौल बन गया। वहीं घटना की जानकारी पर ग्रामीण विद्यालय की तरफ भाग खड़े हुये। जैसे तैसे ग्रामीणों ने झुलसे बच्चों दुष्यंत पुत्र सियाराम, ऋषभ पुत्र अनिल, धीरसिंह पुत्र टिंकू व लोकेंद्र पुत्र संतोष को हवासपुर अस्पताल में भर्ती कराया, जहां दो बच्चों को अकबरपुर रेफर किया गया है।

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