scriptClothes made from lotus leaves made in UPTII Kanpur | कमल की पत्तियों से बने कपड़े बनाएंगे सेहतमंद, उप्र वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान नैनो फाइबर पर आधारित कपड़े कर रहा है विकसित | Patrika News

कमल की पत्तियों से बने कपड़े बनाएंगे सेहतमंद, उप्र वस्त्र प्रौद्योगिकी संस्थान नैनो फाइबर पर आधारित कपड़े कर रहा है विकसित

Clothes made from lotus leaves made in UPTII Kanpur- मानव शरीर को अब विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्वों से बने कपड़े प्राप्त होंगे। रिपब्लिक यूनिवर्सिटी के प्रो. लुवोस हेस ने ऐसी तकनीक इजात की है जिससे इंसानी शरीर को सेहतमंद कपड़े का फायदा मिलेगा

कानपुर

Published: August 22, 2021 04:02:15 pm

कानपुर. Clothes made from lotus leaves made in UPTII Kanpur. वह दिन दूर नहीं जब बीमार आदमी को उसकी बीमारी के अनुरूप कपड़े पहनने का सुझाव डॉक्टर देंगे। विशेष प्रकार से निर्मित यह कपड़े मानव शरीर को विटामिन, मिनरल्स और अन्य पोषक तत्व प्रदान करेंगे। इससे न केवल जल्द बीमारी से उबरने में मदद मिलेगी बल्कि इंसान सेहतमंद भी होगा। कानपुर की यूपी वस्त्र एवं प्रौद्योगिकी संस्थान और यूनिवर्सिटी ऑफ रिपब्लिक, उरुग्वेमिलकर इस तकनीक पर काम कर रहे हैं। कमल की पत्तियों से बुना कपड़ा बीमार इंसान को जल्द ठीक करने में मददगार साबित होगा।
Clothes made from lotus leaves made in UPTII Kanpu
Clothes made from lotus leaves made in UPTII Kanpu
उत्तर प्रदेश वस्त्र एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में आयोजित ऑनलाइन अंतरराष्ट्रीय सेमिनार में भविष्य में बनने वाले खास तरह के कपड़ों के बारे में बातचीत हुई। बताया गया कि अब सेहतमंद कपड़ों पर रिसर्च चल रही है। नैनो फाइबर पर आधारित डिजाइन कपड़ों में दवाओं के नैनो पार्टिकल्स लगाए जाते हैं। इस तरह के कपड़े घाव वाली जगहों और दाद, खाज, खुजली वाली जगहों पर कारगर साबित होते हैं। कमल की पत्तियों से विशेष प्रकार से तैयार इन कपड़ों को मेडिकेटेड वस्त्र कहते हैं।
कपड़ों पर पानी की असर नहीं

हांगकांग पॉलिटेक्निक यूनिवर्सिटी के डॉ. मानस सरकार ने बताया कि कमल की पत्तियों की तकनीक पर जो कपड़ा विकसित किया है, उस पर पानी का असर नहीं होता। इस कपड़े पर किसी तरह की गंदगी भी नहीं बैठती है। इसके फाइबर हाइड्रोफोबिक (पानी का असर नहीं) तकनीक पर काम करते हैं। क्रेनफील्ड यूनिवर्सिटी वेडफोर्डशायर के प्रो. समीर राहतेकर ने पुर्नजनित सेुललोजिक तंतु का फैशन एवं वस्त्र परिधान के प्रयोगों के बारे में बातचीत की। यूपीटीटीआइ के प्रो. एआइ अमजद ने समुद्री खरपतवार से तैयार वस्त्रों को त्वचा के लिए लाभकारी बताया। कार्यक्रम में निदेशक प्रो. नलनकिल्ली, प्रो. शुभांकर मैती, प्रो. एके पात्रा, प्रो. मुकेश सिंह, प्रो. एके सिंह गंगवार आदि शामिल हुए।

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