सीएम को डॉक्टर जोशी ने दी जानकारी, किसान करेंगे हर्बल औषधियों की खेती

अखिल भारतीय आयुर्वेदिक महासम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विशेषज्ञों से की अपील, एलोपैथ से टक्कर लेनी है तो करें प्रसार-प्रचार, हर मदद देगी सरकार। 

By: Vinod Nigam

Published: 19 Jan 2019, 06:21 PM IST

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। केन्द्रीय आयुष मंत्रालय के कार्यक्रम में भाग लेने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ मोतीझील पहुंचे। यहां पर आयोजित सेमीनार का उद्घाटन करने के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे, इसी दौरान कानपुर के सांसद डॉक्टर मुरली मनोहर जोशी ने रोकते हुए कहा कि आयुर्वेद में जहां जटिल से जटिल रोगों का इलाज संभव है तो वहीं हर्बल औषधियों की खेती कर किसान भी अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं। ये बात सुन सीएम ने तत्काल जिलाप्रशासन व कृषि अधिकारियों से कहा कि, किसानों को हर्बल औषधियों की खेती करने के लिए जागरूक करें। चौपाल लगा उन्हें इसकी खेती की जानकारी दें। कहा, इसके लिए आयुर्वेद से जुड़े विशेषज्ञों को आगे आने के साथ ही इसका प्रचार-प्रचार कर एलोपैथ से सीधे मुकाबला करना होगा। कहा, हमारी सरकार बराबंकी में आयुर्वेद का विश्वविद्यालय के अलावा प्रदेश में सौ से ज्यादा अस्पताल भी खोलने जा रही है। आने वाले समय में यूपी आयुर्वेद का हब बनेगा।

सौ से ज्यादा खुलेंगे अस्पताल
कानपुर में केन्द्रीय आयुष मंत्रालय की पहल पर आयोजित आयुर्वेद कार्यशाला और प्रदर्शनी के आयोजन किया था। कार्यक्रम का शुभारम्भ योगी आदित्यनाथ ने ही किया। इस मौके पर केन्द्रीय आयुष मंत्री श्रीपद नायक भी मौजूद थे जो खुद भी आयुर्वेद के अच्छे ज्ञाता हैं। सीएम ने कहा कि पिछली सरकारों के गैर जिम्मेदार कार्यो के कारण भारत की हर्बल सम्पदा का विदेशी वैज्ञानिक अपने नाम पेटेण्ट करा रहे हैं । अब हमारी सरकार इस दिशा में पहल कर आयुर्वेद के लिए फंड देकर अस्पताल व डॉक्टरों की नियुक्ति कर रही है। 2019-20 तक उत्तर प्रदेश देश का आयुर्वेद हब बनेगा। इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है।

डरने के बजाए करें मुकाबला
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश में मेडिकल टूरिज्म का इतिहास आयुर्वेद से जुड़ा रहा है। लेकिन आज के दौर में वैद्य समुदाय हीन भावना का शिकार हुआ। इससे आयुर्वेद में डिग्री लेने वाले चिकित्सक एलोपैथी चिकित्सा पद्धति में पर्चे लिखने लगे और इस मिश्रण से आयुर्वेद चिकित्सा पद्धति को बड़ा नुकसान पहुंचा। सीएम योगी ने सेमीनार में उपस्थित वैद्यों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि वे हीनभावना से बाहर निकलें और ऐलोपैथ की तरह ही आधुनिक शैली से अपनी औषधियों का प्रस्तुतीकरण और प्रचार करें।

हर्बल औषधियों की करें खेतीं
सीएम ने कृषि अधिकारियों के अलावा जिलाप्रशासन के अधिकारियों से कहा कि गांव-गांव जाकर किसानों के साथ चौपाल लगाएं। उन्हें खेतों में हर्बल औषधियों की खेती करने के लिए जागरूक करें। सीएम ने कहा, इसे कृषि आय बढेगी और आयुर्वेदिक चिकित्सा प्रणाली फिर से जनता के बीच अपनी पैठ बनायेगी। उन्होने आयुर्वेद सम्मेलन के आयोजन को इस दिशा में मील का पत्थर बताया। सीएम ने किसानों से कहा कि वो अपने नजदीकि के कृषि विभाग में जाकर इस खेती के गुर सीखें। इस मौके पर सीएम ने कहा आयुर्वेद के डॉक्टर्स और इसकी पढ़ाई कर रहे स्टूडेंट्स से कहा कि भारत की प्राचीन औषधि को फिर से एक ब्रांड बनाना है।

गोरखपुर में बनवाया अस्पताल
सीएम ने कहा कि गोरखपुर के गोरक्षपीठ में 1970 में आयुर्वेदिक कॉलेज था, उनका विचार था यहां विशुद्ध रूप से आयुर्वेद से ही इलाज हो लेकिन उस समय लोग उसे बढ़ाने में असफल रहे। इसके कारण उसे रोक दिया गया, आज वहां तीन सौ बेड का अस्पताल है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में आयुर्वेद विश्वविद्यालय बनाए जाएंगे। इसके लिए आगामी बजट में प्रावधान किया जाएगा। यूपी के सभी 100 स्थानों में बन रहे वेलनेस सेंटर में आयुर्वेद डॉक्टर बैठेंगे। आयुर्वेद में लोगों को अपनी रुचि दिखानी चाहिए। मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की वो एलोपैथ के बजाए आयुर्वेद के जरिए अपना इलाज करवाएं।

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