बीजेपी को इस प्लॉन के तहत कांग्रेस करेगी चित, प्रदेश पीसीसी में इन दिग्गजों को दी मिली जगह

बीजेपी को इस प्लॉन के तहत कांग्रेस करेगी चित, प्रदेश पीसीसी में इन दिग्गजों को दी मिली जगह

Vinod Nigam | Publish: Mar, 14 2018 02:42:40 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

प्रदेश पीसीसी में कानपुर का दबदबा, पहली बार जीते और उपविजेता पार्षद उम्मीदवारों को मिली इंट्री

कानपुर। उत्तर प्रदेश की दो लोकसभा सीट फुलपुर और गोरखपुर में सपा कैंडीडेट्स मजबूती से जीत की ओर आगे बढ़ रहे हैं तो वहीं कांग्रेस भी अब 2019 लोकसभा चुनाव फतह करने के लिए जुट गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के आदेश पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सदस्यों की नई सूची जारी कर दी है। लिस्ट में इस बार कानपुर नगर व ग्रामीण के कांग्रेसियों का दबदबा रहा। सूची में मुस्लिम और ब्राम्हण चेहरों को ज्यादा संख्या में जगह दी गई है। वहीं पहली बार पीसीसी में नगर से जीते 18 पार्षदों के अलावा उपविजेता 25 प्रत्याशियों को जगह दी गई है।यूपी प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम पाल ने कहा कि नगर व ग्रामीण टीमों का गठन कर दिया गया है। कार्यकर्ताओं को लोकसभा चुनाव के लिए जुट जाने को कह दिया गया है। मंगलवार को दिन सपा, बसपा के साथ कांग्रेस के लिए अच्छा रखा। आज सीएम और डिप्टी सीएम केशव प्रयाद मौर्या की लोकसभा सीटों पर भाजपा के प्रत्याशियों को करारी हार मिलने वाली है।
दिल्ली अधिवेशन में भाग लेंगे सदस्य
पिछले कई चुनावों से लगातार हार का सामना कर रही कांग्रेस को चुस्त-दुरुस्त और प्रोत्साहित करने के लिए हाईकमान से कवायद शुरू हो गई है। प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आनन-फानन में महानगर कांग्रेस कमेटी से नगर निगम चुनाव में जीते कांग्रेस पार्षद और उपविजेताओं की सूची मांगी। यहां से 18 पार्षद और 25 उपविजेताओं के नाम भेज दिए गए। कयास लगाया जा रहा है कि पार्टी मान रही है कि इन कार्यकर्ताओं का अपने-अपने क्षेत्र में पर्याप्त जनाधार है। कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम पाल ने ने बताया कि सभी पार्षद और उपविजेताओं की सूची भेज दी गई है। उम्मीद है कि आगामी दिनों में दिल्ली में होने जा रहे अधिवेशन में इन सभी को बुलाया जाए। इन्हें प्रोत्साहित कर पार्टी चुनाव में सक्रिय कर सकती है, संगठन में इनकी भूमिका से लाभ मिल सकता है।
पूर्व मंत्री के साथ अजय कपूर को मिली जगह
वहीं धुर विरोधी दो कांग्रेसी दिग्गजों के साथ ही उनके करीबियों की भी नई कमेटी में इंट्री मिली है। वहीं दो पूर्व विधायक भूधर नारायण मिश्र और चेकचंद्र पांडेय को पीसीसी में जगह नहीं दी गई। कांग्रेस की दिग्गज नेता आलोक मिश्रा को प्रदेश की टीम में शामिल किया है, पर उनकी पत्नी व मेयर प्रत्याशी रहीं वंदना मिश्रा को बाहर रखा गया है। आलोक मिश्रा ग्रामीण की पहरेदारी कर जमीन तैयार करेंगे। कांग्रेस ने पीसीसी में काम करने वाले नेताओं को जगह दी है, साथ ही निकाय में भीतरघात करने वालों को बाहर का रास्ता दिखाया गया है। उर्षा रत्नाकर शुक्ला और आरदी दीक्षित को निकाय चुनाव में विरोध का खामियाजा भुगतना पड़ा है और इसी के चलते दोनों महिला नेताओं को पीसीसी में जगह नहीं दी गई।
मुस्लिम-ब्राम्हण चेहरों को तवज्जो
पीसीसी सदस्यों में इस बार संगठन की सूची ब्राम्हण और मुस्लिम चेहरों को ज्यादा तवज्जो दी गई है। पीसीसी में पहली बार संदीप शुक्ला को ग्रामीण के बजाए शहर से सदस्य बनाया गया है। शहर पीसीसी सदस्यों में श्रीप्रकाश जायसवाल , अब्दुल मन्नान, हाफिज उमर, अजय कपूर, संजीव दरियावादी, पवन गुप्ता, मदन मोहन शुक्ला, देवी तिवारी, श्रोत गुप्ता, कृपेश त्रिपाठी, अवनीश सलूजा, शरद मिश्रा, इकबाल अहमद, शिरष पांडेय, सुनीता त्रिपाठी, कमल जायसवाल, नौशाद अहमद, अब्दुल मजूद, अनूप श्रीवास्तव, विकास सोनकर, दिलीप बाजपेयी, अनिल थामस, पूर्णिमा सिंह, प्रशान्त मिश्र, मदन गोपाल, ऊषारानी कोरी, प्रदीप मिश्र, अवनीश दीक्षित, राजकुमार शुक्ला और मोहम्मद इरफान पीसीसी के सदस्य बनाए गए हैं।
यह जोड़ी किला करेंगे फतह
पीसीसी में ग्रामीण से प्रदेश उपाध्यक्ष राजाराम पाल और आलोक मिश्रा को जगह दी गई है। इनका साथ नरेंद्र सिंह सेंगर, नरेश त्रिपाठी, अशोक धन्विक, राहुल सचान, संतोष पाठक, अनिल कटियार, सियाराम पाल , राजकुमार यादव, रामेंद्र सिंह मुन्ना, कनिष्ठ पांडेय और मनोज सिंह देंगे। पीसीसी गठन के बाद राजाराम पाल ने कहा कि मोदी सरकार ने चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया, लेकिन जनता से किए वादे अभी तक पूरे नहीं कर सके। किसान परेशान हैं तो युवा बेरोजगारी के चलते काम की तलाश में इधर-उधर हाथ-पैर मार रहा है। जिससे जनता एक बार फिर कांग्रेस के साथ ही अन्य दलों पर विश्वास जताना शुरू कर दिया है। जिसका जीता जागता गोरखुपर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में देखने को मिला है। सीएम और डिप्टी सीएम के क्षेत्र से भाजपा करारी हार की ओर बढ़ रही है।

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