गजब के लड़ैया हैं इस शहर के लोग, जंग हार गया कोरोना

कोरोना को हराने में सिर्फ यूपी ने दिखाया दम, रिकवरी रेट 85 फीसदी

कानपुर। जिस महामारी ने पूरे विश्व में हाहाकार मचा रखा है, वही कोरोना वायरस कनपुरियों से हार गया। कानपुर के लोगों ने बड़ी ही आसानी से कोरोना वायरस पर जीत हासिल कर ली। दुनिया भर में आतंक मचाने वाले कोविड-१९ को कानपुर के लोगों ने मजाक-मजाक में ही मामूली बना डाला। अब तक शहर में मिले तीन सौ से ज्यादा संक्रमितों में ८५ फीसदी सही हो गए और सही होने वाले किसी भी मरीज में बीमारी के लक्षण उभर ही नहीं सके। कानपुर शहर के लोग कोरोना संक्रमण के बाद उसी तरह ठीक हो गए कि जैसे सर्दी-जुकाम का अस्पताल में भर्ती रहकर इलाज कराने वाले ठीक हो जाते हैं।

नंबर एक पर कानपुर
कोरोना वायरस पर जीत हासिल करने वालों में कानपुर शहर उत्तरप्रदेश में नंबर एक पर है। रामा मेडिकल कॉलेज से 26 रोगियों के डिस्चार्ज होने के बाद रिकवरी रेट 85.13 फीसदी पर पहुंच गया है। रिकवरी रेट के मामले में अभी तक लखनऊ 66.03 फीसदी पर सबसे आगे था और अब कानपुर ने लखनऊ को पीछे कर दिया है। अब तक 269 कोरोना संक्रमित रोगी रोगमुक्त हो चुके हैं। शहर में अब कोरोना के 39 एक्टिव केस बचे हैं। हालांकि आठ की मौत भी हुई है पर मौत के पीछे दूसरी बीमारियां भी अहम वजह हैं।

नहीं पड़ी वेंटीलेटर की जरूरत
शहर में तेजी से कोरोना संक्रमित मरीजों की संख्या बढऩे के बाद लगभग आधे शहर को हॉटस्पाट में तब्दील कर दिया गया था। मगर 10 मई के बाद सेे कोरोना रिकवरी रेट में लगातार सुधार होने लगा। अभी तक कोरोना संक्रमित ज्यादातर की रिपोर्ट पहले 14 दिन के बाद निगेटिव आ गई थी। रोग मुक्त हुए 269 रोगियों में किसी में भी कोरोना के खास लक्षण नहीं उभरे। एक भी रोगी को वेंटिलेटर की जरूरत नहीं पड़ी। सीएचसी सरसौल में भर्ती शौकत अली पार्क के आठ साल के रोगी के अलावा कोई रोगी ऐसा नहीं रहा, जिसके संक्रमण लेवल ने पहली स्टेज पार की। सीएचसी सरसौल के प्रभारी डॉ. एसएल वर्मा और हैलट के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रेम सिंह का कहना है कि इलाज की अच्छी रणनीति और रोगियों के इम्युनिटी सिस्टम की वजह से अच्छे नतीजे आए हैं।

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आलोक पाण्डेय
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