इस तकनीकि के इस्तेमाल से कोरोना वायरस हो जाएगा ढेर


यसराज स्कूल में एक टीचर बच्चों को वायरस के संक्रमण से बच्चों को बचाने के लिए छेड़ रखी है मुहिम, डाॅक्टर के मुताबिक डरने के बजाए करें बचाव।

By: Vinod Nigam

Published: 07 Mar 2020, 09:10 AM IST

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुरकोरोना वायरस को लेकर दुनिया में मची हायतौबा के बीच डाॅक्टर, समाजसेवी संगठन और स्कूल के संचालक व टीचरों ने जागरूकता अभियान चलाया हुआ है। यसराज पब्लिक स्कूल में इस जानलेवा बीमारी से बच्चों और उनके अभिभावकों को बचाने के लिए एक टीचर की अगल से व्यवस्था की गई है। टीचर कक्षा एक से लेकर बारवीं तक छात्रों को इससे बचाव, लक्षण के बारे में अवगत कराती हैं। साथ ही डाॅक्टर भी कारोना से नहीं डरने की सलाह दे रहे हैं। डाॅक्टरों का कहना है कि हाथ मिलाने के बजाए नमस्कार करें। खांसी, जुकाम और बुखार हो तो तत्काल जांच कराएं।

यसराज स्कूल की मुहिम
शहर के यसराज पब्लिक स्कूल में पिछले कई दिनों से कोरोना वायरस को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस कार्य के लिए स्कूल की प्रिंसिपल ने एक महिला टीचर को नियुक्त किया है। जो बच्चों को चार्ट के जरिए कोरोना वायरस के लक्षण व बचाव के बारे में जागरूक करती हैं। टीचर बच्चों को पांच बिन्दुओं पर हर रोज जानकारी देती हैं। टीचर ने बच्चों को कई तरह की जानकारी से अगवत भी करा रही हैं। वह बच्चों को अधिक से अधिक पानी पीएं, साफ-सफाई के साथ शरीर को स्वच्छ रखनें, खांसी-जुकाम या बुखार लगने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की सलाह देती हैं।

अभिभावकों को मैसेज
स्कूल की तरफ से अभिभावकों के मोबाइल पर मैसेज भेजकर अपने बच्चों को सुरक्षित रखने की जानकारी दी जा रही है। इसके साथ ही अपने बच्चे के साथ एल्कोहल युक्त सेनेटाइजर भेजने की भी सलाह दी जा रही है। संदेश में गंदे हाथों से अपनी आंखों, नाक और मुंह को स्पर्श नहीं करने को कहा जा रहा है। अभिभावकों से भी कहा गया है कि बच्चों को रंग लेकर स्कूल न भेजें।

मतलब कोरोना नहीं
एक निजी अस्पताल में फिजीशियन डाॅक्टर विनोद कुमार बताते हैं अपने देश में कोरोना के संदिग्ध मरीज तो घोषित किए गए हैं लेकिन अभी तक किसी में पुष्टि नहीं हुई है। यह बीमारी आम तौर पर जानवरों से फैलने वाली बीमारी है। कहा कि सर्दी, जुकाम, बुखार का मतलब कोरोना नहीं है। हां यदि सर्दी, जुकाम से पीड़ित हों तो खांसते, छींकते वक्त मुंह के सामने टिशू पेपर या रूमाल लगा लें। ऐसे मरीजों से तीन फुट दूर से बात करें। हाथ मिलाने के बजाए नमस्कार कर इससे बचा जा सकता है।

ऐसे करें बचाव
डाॅक्टर कुमार ने बताया कि खाने से पहले साबुन से हाथ धोंएं। सर्दी, जुकाम, बुखार जैसे लक्षण हों तो डॉक्टर की सलाह लें। हाथ मिलाने से बचें। बार-बार साबुन या सेनेटाइजर से हाथ धोते रहें। अपने कपड़े धोने के बाद धूप में फैलाएं। मोबाइल अल्कोहलिक सेनेटाइजर से दो-बार जरूर साफ करें। थ्री लेयर मास्क का इस्तेमाल कर सकते हैं। डायविटीज और कैंसर के मरीज सबसे ज्यादा सावधानी बरतें। डाॅक्टर कुमार बताते हैं कि कारोना 60 साल से ज्यादा उम्र वाले इंसान को अपनी चपेट में लेता है। ऐसे में इन्हें भीड़भाड़ इलाकों में जाने से बचना होगा।

ये खाद्य पदार्थ और फल लें
डाॅक्टर कुमार के मुताबिक विटामिन डी, सी और एक वाले खाद्य पदार्थ और फल लें। यह हमारी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाएगा और किसी वायरसजनित बीमारी से हमें दूर रखेगा। डाॅक्टर कुमार ने बताया कि थोड़ी देर धूप में रहें, विटामिन डी मिलेगी। यदि नहीं रह सकते तो हफ्ते में विटामिन डी एक गोली ले सकते हैं (सिर्फ पांच डोज)।विटामिन ए वाली खाद्य वस्तुओं का इस्तेमाल करें। पीले फल जैसे-आंवला, संतरा, पपीता, बेर, केला का इस्तेमाल करें। जिंक वाले खाद्य पदार्थों का सेवान करते रहें। जैसे जमीन के अंदर वाले खाद्य पदार्थ- जैसे मूंगफली, अदरक, चुकंदर, शकरकंद, आलू।

मौसम के बदलते मिल जाएगी राहत
डाॅक्टर कुमार बताते हैं कि कारोन से घबराने की जरूरत नहीं है। जरूरी सावधानी बरतें, बदल रहे मौसम के साथ मिल जाएगी राहत। डाॅक्टर कुमार ने बताया कि बारिश के चलते तापमान में गिरावट आएगी, जिससे इसके बढ़ने के आसार है। बारिश थपने और जैसे ही पारा 30 के पार पहुंचेगा कोरोना का खात्मा हो जाएगा। डाॅक्टर कुमार ने बताया कि फिलहाल कानपुर में अभी तक एक भी कोरोना से ग्रसित मरीज की पुष्टि नहीं हुई। एयरपोर्ट, ट्रेन और बस में सफर करते समय मास्क का इस्तेमाल करें।

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