सीएम योगी की सरकार में नगर निगम के नहीं बदले हालात, राष्ट्रपति के पौत्र को सर्टिफिकेट के लिए लगाने पड़े चक्कर

Vinod Nigam

Updated: 11 Jan 2019, 12:48:45 AM (IST)

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने करप्शन को जड़ से खत्म करने के भले ही लाख दावे करें, लेकिन जमीन पर पहले की तरह सरकारी बाबू आज भी अमपब्लिक को परेशान कर उनसे पैसे ऐंठ कर अपनी जेब भर रहे हैं। ऐसा ही एक मामला नगरनिगम में सामने आया, यहां देश के राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के भांजे को अपने पौत्र का अपना जन्म सर्टिफिकेट बनवाने के लिए चक्कर काटनें पड़े। लाभ कोशिशों के बाद भी जब प्रमाण पत्र नही ंमिला वो विभाग के चतुर्थश्रृणी कर्मचारी ने कहा बड़े बाबू को कुछ देकर अपना काम करवा लो। बिना चढ़ावे का यहां एक पत्ता भी नहीं हिलता। ये सुन राष्ट्रपति के भांजे को भी कहना पड़ा कि जनता ने सत्ता बदल दी पर हालात जस के तस बनें हुए हैं और हार कर उन्हें अपना परिचय नगर उपायुक्त को बताना पड़ा।

जन्म सर्टिफिकेट के लिए लगाने पड़े चक्कर
राष्ट्रपति रामनाथ कोंवंद के भांजे रामशंकर कोविंद काकादेव में रहते हैं। रामशंकर ने नवम्बर 2018 में नगर निगम में अपने पोते का जन्म सर्टिफिकेट बनवाने के लिए आवेदन किया था। आवेदन करने के बाद रामशंकर का बेटा लगातार नगर निगम के चक्कर काटता रहे, लेकिन सर्टिफिकेट बनाने के बजाय नगर निगम के बाबू उनको टरकाते रहे। थक -हार कर उन्होंने पूरी बात अपने पिता रामशंकर को बताई तो वो पौत्र के जन्म प्रमाण-पत्र के लिए नगर निगम पहुंचे। पर सरकारी बाबुओं ने उन्हें फार्म में कमियां बताकर एक माह से लगातार टरकाते रहे। जिससे नाराज होकर उन्होंने मेयर प्रमिला पांडेय को फोन लगाया, पर कॉल रिसीब नहीं हुई।

नगर आयुक्त से मिल की शिकायत
नगर निगम के बाबुओं की कार्रगुजारी से थक कर रामशंकर कोविंद गुरूवार को अपर नगर आयुक्त से मिलकर उनको अपना परिचय बताते हुए अपनी समस्या से अवगत कराया। मामला राष्ट्रपति के परिवार से जुड़ा होने की जानकारी पर नगर आयुक्त से लेकर अलाधिकारी उन्हें केबन में बैठाकर तत्काल तत्काल उनके पोते का जन्म सर्टिफिकेट बनाकर उनके हवाले कर दिया। इस बीच अधिकारी उन्हें माफी भी मांगी और मीडिया के पास नहीं जाने की गुहार लगाई, लेकिन मीडियाकर्मियों को खबर लगते ही मौके पर वो पहुंच गए और नगर निगम के भ्रष्टाचारी तंत्र का खुलाशा हो गया।

सीएम के अफसर फेर रहे पानी
रामशंकर कोविंद से जब इस सम्बन्ध में बात की गयी तो उनका जवाब था कि जब हमकां इस तरह से यंहां के बाबू टहला रहे है तो आम जनता से किस तरह का बर्ताव करते होंगे। इसका जवाब तो खुद सीएम, मेयर जिलाप्रशासन और नगर निगम के अधिकारियों को देना ही होगा। कहा, बड़े शर्म की बात है कि देश के राष्ट्रपति पूरी जिंदगी बेदाग तरीके से जियी और आमजन की सेवा करते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सवा सौ करोड़ लोगों के लिए 18 से 20 घंटे कार्य करते हैं, पर सरकारी बाबू आज भी रिश्वत के पैसे से अपनी तिजोरी गर्म करते हैं। हम तो यही कहेंगे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने में अफसर पानी फेर रहे हैं।

राष्ट्रपति से करूंगा शिकायत
रामशंकर कोविंद ने कहा कि 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस की परेड पर दिल्ली जाना है। वंहा पर राष्ट्रपति जी को इससे अवगत कराएंगे। रामशंकर कोंवंद ने कहा कि वो नगर निगम के अफसरों को अपना परिचय नहीं देना चाहते थे। वो आमपब्लिक की तरह से अपने पौ़त्र का प्रमाण-पत्र पाना चाहते थे। लेकिन पिछले तीन माह के दौरान कई बार चक्कर काटनें के बाद उन्हें अपने बारे में यहां के अधिकारियों को बताना पड़ा।

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