गुरू सच में आया सिंघम,खौफ से डरे क्रिमिनल

एनाकउंटर में घायल बदामश पर था पच्चीस हजार रुपये का इनाम घोषित, कानपुर के अलावा आसपास के जनपद समेत कई थानों में हत्या, लूट और गैंगस्टर के मुकदमे दर्ज हैं।

By: Vinod Nigam

Published: 18 Dec 2018, 06:44 PM IST

कानपुर। अपराधियों के लिए खौफ का दूसरा नाम एसएसपी अनंत देव तिवारी बनते जा रहे हैं। पिछले एक माह के दौरान 20 से ज्यादा मुठभेड़ के दौरान कुख्यात बदमाश पुलिस की गोली से घायल हुए तो वहीं 50 से हार्डकोर क्रिमिनल जमानत कटवाकर जनपद के अलावा आसपास की जेलों में चले गए। इसी के चलते अब चाय की दुकान, पान के ठेले और बाजारों में कानपुर के इस बॉजीराव सिंघम का गुणगान पब्लिक कर रही है। बेनाझावर के पास चाय की चुस्की ले रहे मक्खन लाल कहते हैं गुरू सुना है महाराजपुर पुलिस ने 25 हजार के इनामी बदमाश को एनकाउंटर के बाद घायल अवस्था में दबोचा है, तो बगल में खड़े रज्जन तिवारी कहते हैं कि ठीक सुना है भईया। 35 दिन में 20 को पुलिस अभी तक ठोंक चुकी है। अपराधियों में डर इस कदर है कि वो अब जनानत भरवा खुद जेल जा रहे हैं।

अब तक 20
करीब तीन माह पहले कानपुर की बागडो संभालने के बाद एसएसपी अनंत देव तिवारी ने जिले के थानों में तेज-तर्राक थानेदारों और सिपाहियों की तैनाती। थानावार इनामी व फरार अपराधियों की लिस्ट तैयार करने का आदेश दिया। लिस्ट बनते ही अपराधियों को दबोचने के लिए पुलिस को सड़क पर उतार दिए। मुखबिर तंत्र के जरिए बदमाशों की लोकेशन खंगालने के साथ उनके परिजनों को पुलिस ने बुलाकर सरेंडर के लिए कहा। कुछ जेल चले गए, जो अपराध का रास्ता छोड़ने को तैयार नहीं हुए, उन्हें एक-एक कर एनकाउंटर के बाद पुलिस पकड़ कर जेल भेज रही है। पिछले 35 दिन के अंदर करीब 20 अपराधी पुलिस की गोली से घायल होकर जेल भेज गए हैं।

25 हजार के इनामी को लगी गोली
महाराजपुर में फतेहपुर-कानपुर सीमा पर कटरी डोमनपुर के पास देर रात पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। बदमाशों की फायरिंग पर पुलिस की जवाबी फायरिंग में 25 हजार का इनामी बदमाश फतेहपुर बकेवर निवासी रहमुद्दीन उर्फ़ राजकुमार बाबा को गोली लग गई। पुलिस ने घायल अवस्था में उसे पकड़ लिया, जबकि उसके दो साथी भाग निकले। घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया है। महाराजपुर इंस्पेक्टर रविशंकर ने बताया रहमुद्दीन उर्फ राजकुमार उर्फ बाबा बकेवर थाने का हिस्ट्रीशीटर है। सचेंडी थाने से वह वांछित घोषित होने के साथ उसपर 25 हजार का इनाम था। बदमाश पर विभिन्न थानों में लगभग तीन दर्जन से अधिक हत्या, लूट, डकैती व गैंगेस्टर आदि के मुकदमे दर्ज हैं।

खुद जमानत कटवा जा रहे जेल
पुलिस के खुलकर अपराधियों के खिलाफ एनकाउंटर के चलते अपराध की दुनिया में खलबली मच गई। अपराधी वह खुद सुरक्षित स्थान तलाशने लगे। एनकाउंटर सूची में अपना नाम होने की आशंका पर 50 से अधिक बदमाश कानपुर जेल सहित आसपास के जिलों में जमानत कटवाते हुए शरण लेने लगे हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अनंत देव ने जमानत कटवाकर जेल जा रहे बदमाशों की जानकारी पर नई योजना बनाई है। कप्तान ने अपराध और अपराधियों पर अंकुश लगाने की कड़ी में उनकी जमानत लेने वालों पर निगरानी शुरु करा दी। कप्तान ने बताया कि अपराधी वारदात के बाद जेल चले जाते हैं और फिर जमानत पर रिहा होकर अपराध की घटनाएं अंजाम देते हैं। ऐसे लोगों की जमानत लेने वालों पर भी पुलिस अब नजर रखेगी। इसके लिए एक टीम बनाई गई है जो जमानतगिरों का नाम, पता जानकारी करने के साथ ही अपराधी से उसके सम्बंधों के बारे में पता लगायेंगे। इसके पीछे पुलिस की मंशा बदमाशों पर पूरी तरह से नकेल लगाने की है।

Vinod Nigam
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