अब गेहूं की रोटियां होंगी ज्यादा ताकतवर, इस देश में रिसर्च करेंगे सीएसए के छात्र

गेहूं की पौष्टिकता के आईसीएआर चला रहा दक्षता उन्नयन स्कीम
१० वर्ष पूरे कर चुकी गेहूं की प्रजातियों को कराया जाना है अपडेट

कानपुर। चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के छात्र गेहूं की पौष्टिकता बढ़ाने के लिए विदेशी तकनीक का इस्तेमाल करेंगे। विकसित गेहूं से बनी रोटियां अब ज्यादा पोषक और ताकतवर होंगी। इसे देखते हुए केंद्र सरकार के एक खास कार्यक्रम के तहत गेहूं की सभी प्रजातियों को विकसित करने के लिए सीएसए के दो छात्र मैक्सिको जाएंगे। जबकि पांच अन्य छात्र दूसरे देशों में गेहूं पर रिसर्च के लिए चयनित किए गए हैं। दूसरी ओर सीएसए १० वर्ष पुरानी गेहूं की प्रजातियों को भी अपडेट करने की तैयारी में है, ताकि ज्यादा उत्पादन वाली प्रजातियों की खेती को बढ़ावा दिया जा सके।

आईसीएआर की विशेष स्कीम
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद की ओर से दक्षता उन्नयन स्कीम चलाई जा रही है। जिसके तहत सीएसए के छात्र मैक्सिको सहित दूसरे कई देशों में जाकर गेहूं की पौष्टिकता पर रिसर्च करेंगे। आईसीएआर की इस योजना के तहत छात्र गेहूं पर रिसर्च करने के लिए उस तकनीक को सीखेंगे, जिसके जरिए जीन को अलग करके एक वेराइटी से दूसरे वेराइटी में ट्रांसप्लांट करना है।

सीएसए के लिए बड़ी उपलब्धि
कुलपति प्रो. डीआर सिंह और निदेशक शोध डॉ. एचजी प्रकाश ने कहा कि विश्वविद्यालय के लिए यह बड़ी उपलब्धि है। भेजे जा रहे शोध छात्रों की स्क्रीनिंग इंटरव्यू और उनके प्राप्त अंकों के आधार पर की गई है। 75 छात्रों में 13 छात्रों को विदेश भेजा जाना है इनमें सात पहले चरण में जा रहे हैं। जैसे-जैसे विभिन्न देशों से डिमांड आएगी वैसे छात्रों को भेजा जाएगा।

फसलों की गुणवत्ता पर रिसर्च
प्रधानमंत्री की योजना के तहत अब फसलों की गुणवत्ता को लेकर रिसर्च आगे बढ़ाना है इसलिए छात्रों को अपडेट रहना जरूरी है। डॉ. एचजी प्रकाश ने कहा कि गेहूं और सब्जी के उन्नत वेराइटी के लिए सीएसए विवि में तेजी से काम चल रहा है। कई प्रजातियों की देशव्यापी स्वीकारिता है। कुछ प्रजातियां जो 10 वर्ष पूरा कर चुकी हैं उन्हें अपडेट किया जाना है।

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आलोक पाण्डेय
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