उपमुख्यमंत्री जी आपके चलते लोग बनें दशरथ मांझी, महिला-पुरूष और बच्चों ने मिलकर सड़क बना डाली

उपमुख्यमंत्री जी आपके चलते लोग बनें दशरथ मांझी, महिला-पुरूष और बच्चों ने मिलकर सड़क बना डाली

Vinod Nigam | Publish: Sep, 10 2018 11:32:40 AM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

पिछले 11 साल से नहीं हुआ था सड़क का निर्माण, जनप्रतिनिधियों के अलावा अधिकारियों से की फरियाद पर किसी ने नहीं दिया ध्यान, मोहल्लेवालों ने उठा लिया फावड़ा और कुदाल

कानपुर। दशरथ मांझी, एक ऐसा नाम जो इंसानी जज़्बे और जुनून की मिसाल है। वो दीवानगी, जो प्रेम की खातिर ज़िद में बदली और तब तक चैन से नहीं बैठी, जब तक कि पहाड़ का सीना चीर दिया। कुछ ऐसा ही दृश्य कानपुर के श्यामनगर के आदर्श विहार मोहल्ले में सामने आया है। यहां के लोगों ने खुद चंदा किया और फावड़ा उठाकर घर से निकल पड़े और एक किमी लंबी सड़क का निर्माण कर डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के दावे की पोल खोलकर रख दी। उजारीलाल द्विवेदी बताते हैं कि जब यूपी में बीजेपी सत्ता में आई तो खुद सीएम योगी आदित्यनाथ ने अक्टूबर तक प्रदेश को गड्ढा मुक्त करने का ऐलान किया। जिबकि डप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या ने शहर के लोगों के सामने घोषणा की थी कि इसी साल अगस्त तक शहर की सारी सड़कों का निर्माण करा दिया जाएगा, पर उनका यह वादा जुमला साबित हुआ।

11 साल से अधूरी पड़ी थी सड़क
आजादी के सत्तर साल बीत जाने के बाद कानपुर का साउथ इलका सड़क, पेयजल, जलभराव और बिजली जैसी कई मूलभूति सविधाओं से वंचित है। यहां के पंद्रह लाख से ज्यादा की आबादी हररोज गड्ढे रूपी सड़क में फंसकर चुटहिल होती है। कुछ ऐसा ही हाल श्यामनगर के आदर्श विहार इलाके में हैं। यहां 2007 में मायावती सरकार के दौरान आधा किमी सड़क का निर्माण कराया गया था। इसके बाद दोबारा कोई भी जिम्मेदारी जनप्रतिनिधि व अधिकारी नहीं आया। योगी सरकार के बनने के बाद लोगों ने स्थानीय विधायक व कैबिनेट मंत्री सत्यदेव पचौरी के पास जाकर सड़क निर्माण कराए जाने की मांग की। मंत्री ने आश्वासन देकर लोगों को टरका दिया। मंत्री के नहीं सुनने पर स्थानीय लोग कमिश्नर, डीएम से फरियाद की, पर उन्होंने भी सुधि नहीं ली।

फिर उठा लिया फावड़ा और कुदाल
स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले चार माह से हमलोग मंत्री, विधायक, पार्षद और एसी रूम में बैठने वाले अलाधिकारियों के दफ्तर में चक्कर लगाते-लगाते थक, पर सड़क नहीं बनी। इसी के कारण शुक्रवार को मोहल्ले में एक बैठक की गई। बैठक के दौरान तय किया गया कि हमलोग खुद चंदा करेंगे और खुद के बल पर अपने मोहल्ले की सड़क बनाएंगे। इसी के बाद रविवार की सुबह महिला, पुरूष और बच्चे हाथ में फावड़ा और कुदाल लेकर अपने-अपने घरों से निकल आए और एक दिन में आधी सड़क को बना डाली। बीएल कनौजिया व सरनाम सिंह ने बताया कि रात्रि विश्राम के लिए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या कानपुर आए थे। हमलोगों ने उन्हें पत्र देकर सड़क निर्माण कराए जाने की मांग की थी। उन्होंने अधिकारियों को आदेश दिया था कि सड़क एक सप्ताह के अंदर बन जानी चाहिए। डिप्टी सीएम चले गए, पर अधिकारी मोहल्ले कभी नहीं आए।

रविवार से शुरू किया निर्माण कार्य
श्याम नगर निवासी एसएन सिंह, उजारीलाल द्विवेदी और सरनाम िंसह ने बताया कि हाईवे से आदर्श विहार जाने वाली सड़क कई सालों से अधूरी पड़ी थी। सड़क का निर्माण हुआ न ही नाली बनाई गई। बारिश में गड्ढों के कारण इस रास्ते पर चलना जान हथेली पर लेकर चलने जैसा होता है। सड़क बनवाने के लिए नगर निगम के अफसरों के खूब चक्कर लगाए। उन्होंने नहीं सुना तो जनप्रतिनिधियों के पास दौड़ लगाई। हर जगह आश्वासन मिला, समाधान नहीं। रोना रोते हुए चार माह बीत गए तो हमने फैसला ले लिया, किसी के चक्कर नहीं लगाएंगे और खुद सड़क बनाएंगे। सड़क निर्माण के लिए चंदा मांगा गया तो लोगों ने बढ़चढ़कर सहयोग किया। रुपए जमा हो गए तो रविवार को निर्माण कार्य शुरू कर दिया। मजदूर तो लगाए ही गए, काम जल्दी हो, इसलिए क्षेत्र के लोग भी ईंट-सीमेंट ढो कर लाए। दो दिन के अंदर हम पूरी सड़क को बना डालेंगे जिससे हिचकोले भरा सफर जल्द खत्म होगा।

इनसे अच्छे तो थे अखिलेश
स्थानीय लोगों ने बताया कि पूरी सड़क चार दिन में बनकर कम्प्लीट होगी। खुद के पैसे से ईंट, डामर औा बुल्डोजर मंगवाया है और अभी कार्य चल रहा है। शिवबरन सिंह कहते हैं कि कानपुर के अलावा सूबे की जनता ने बीजेपी को वोट देकर सरकार बनावाई। हमें उम्मीद थी कि सीएम योगी आदित्यनाथ और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या किए गए सारे वादे पूरे करेंगे। मोहल्ले की सड़क का निर्माण करवाएंगे, जिससे की हमारे बच्चे चुटहिल होने से बचेंगे। लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। योगी सरकार जुमलबाज निकली, जिसे 2019 में जनता वोट की चोट के जरिए सत्ता से बेदखल कर देगा। अर्जुन राजपूत कहते हैं कि बीजवी से अच्छे अखिलेश यादव व मायावती थे। जिनके कार्यकाल के दौरान अधिकारी एसी ऑफिस से बाहर निकलते थे। पर सीएम योगी के राज में ब्यरोकेट्स मजे ले रहे हैं तो मंत्री राजधानी में नींद उड़ा रहे हैं।

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