सुस्त पड़ चुके ५५ उम्र पार रेलवे कर्मचारियों की विभाग से होगी छुट्टी

सुस्त पड़ चुके ५५ उम्र पार रेलवे कर्मचारियों की विभाग से होगी छुट्टी

Alok Pandey | Publish: Aug, 11 2019 12:31:51 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

रिटायरमेंट की दहलीज पर खड़े रेलकर्मियों को किया गया चिन्हित
काम के तरीके की होगी समीक्षा, एक्टिव लोग ही रहेंगे नौकरी पर

कानपुर। रेलवे में ५५ साल पार कर चुके ऐसे कर्मचारियों की छंटनी की जाएगी जो काम में सुस्त पड़ चुके हैं और अब रिटायरमेंट तक नौकरी पर समय काट रहे हैं। ऐसे लोगों को समय से पहले नौकरी से बाहर कर दिया जाएगा। इसे लेकर रेलवे बोर्ड ने रिटायरमेंट के करीब पहुंचने वाले कर्मचारियों का डाटा तलब किया है। इन कर्मचारियों के काम का तरीका, उनका योगदान आदि की समीक्षा की जाएगी। प्रदर्शन के आधार पर ही इन कर्मचारियों को रेल सेवा में रखे जाने और हटाए जाने का डाटा तैयार किया गया है।

30 साल की नौकरी करने वाले कर्मचारी चिन्हित
नौ जुलाई को रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को पत्र जारी कर एक महीने में इस तरह के कर्मचारियों को चिह्नित करने को कहा था। उत्तर मध्य रेलवे में कानपुर समेत 30 से 32 प्रतिशत इस तरह के कर्मचारी हैं। विजिलेंस रिपोर्ट के आधार पर इनका काम तय किया जाएगा। दरअसल, रेलवे को मिली जानकारी के मुताबिक रिटायरमेंट के करीब कर्मचारियों की कार्यक्षमता जान बूझकर कम हो जाती है।

समय काटने वाले घर बैठेंगे
रेलवे में लंबे समय से नौकरी कर रहे तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों को लगता है कि अब रिटायरमेंट के चार-पांच साल बचे हैं, कट जाएगा। इसमें जो लोग सक्रिय हैैं, उन्हें रखा जाएगा और सुस्त कर्मचारियों को हटा दिया जाएगा। इलाहाबाद मंडल के वेलफेयर अधिकारी एके सिंह ने बताया कि रेलवे बोर्ड देश भर में इस आयु वर्ग के कर्मचारियों की कार्य क्षमता को मापने के लिए समीक्षा कर रहा है।

फैसले का हो सकता विरोध
रेलवे बोर्ड के इस फैसले का विरोध भी हो सकता है। एक तरफ रेलवे 60 साल में रिटायर हो चुके कर्मचारियों को दोबारा सेवा विस्तार करने की उम्र बढ़ाकर 65 साल कर चुका है। वहीं, 60 साल के पांच साल पहले ही रिटायर करने का फैसला विरोधाभासी है। जानकारों का कहना है कि सुस्त कर्मचारियों को पांच साल पहले रिटायर कर दिया जाएगा और रिटायरमेंट की उम्र पर खड़े सक्रिय कर्मचारियों को पांच साल का एक्टेंशन (सेवा विस्तार) दिया जाएगा।

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