देवरिया शेल्टर होम से बड़ी वारदात, प्रेरणा स्कूल में मूक बधिर के साथ रेप

Vinod Nigam | Publish: Aug, 12 2018 05:29:33 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

रेलबाजार थानाक्षेत्र का मामला, प्रेरणा स्पेशल स्कूल में एक किशोरी के साथ कई दिनों तक करता रहा दुष्कर्म, बीमार पड़ने पर डॉक्टर ने खोला राज

कानपुर। देवरिया शेल्टर होम कांड का मामला अभी थमा नहीं था कि कानपुर के रेलबाजार थानाक्षेत्र स्थित स्कूल में इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली वारदात सामने आई है। स्कूल की आया की मदद से एक युवक मूक बधिर नाबालिग के साथ रेप करता रहा। शिकायत करने पर जहर जेकर मारने की धमकी दी। कईदिनों तक आरोपी किशोरी की अस्मत के साथ खेलता रहा, तभी पीड़िता ने स्कूल जाना बंद कर दिया। परिजनों ने उससे इसका कारण पूछा तो उसने नहीं बताया। इसी दौरान किशोरी की तबियत खराब हो गई तो मां उसे लेकर डॉक्टर के पास गई। डॉक्टर ने उसे देखने के बाद पीड़िता के साथ कुछ गलत हुआ है कि जानकारी दी। तब किशोरी की मां ने उससे पूछा तो बेटी फफक-फफक कर रो पड़ी और पेन के जरिए लिख कर आरोपी की करतूत बयां कर दी। मोहल्लेवालों की मदद से पीड़िता की मां उसे लेकर थाने पहुंची। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर अरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

नशे का इंजेक्शन लगाती थी आया
रेलबाजार थाना़क्षेत्र स्थित मन्दबुद्धि बच्चों के लिये प्रेरणा स्पेशल स्कूल चलाया जाता है। यहां पर दो सौ से ज्यादा किशोर और किशोरियां पढ़ते हैं। डिफेन्स कॉलोनी में रहने वाली एक मां ने अपनी मूक बधिर बेटी (12) का दाखिला इसी स्कूल में करवाया। पीड़िता की मां ने बताया कि पति की कई साल पहले बीमारी के चलते मौत हो गई थी। दो बेटियों का पेट में छोटी से दुकान के जरिए भरती हूं। बड़ी बेटी जन्म से मूक बधिर थी, इसी के चलते मैंने उसे स्कूल में एडमीशन नहीं कराया। लेकिन बेटी ने कहा कि मां मैं पढ़ना चाहती हूं। इसी के बाद उसका एडमीशन इसी स्कूल में करा दिया। स्कूल की आया और वैन चालक यहां की बच्चियों को अपना िर्शकार बनाते थे। पीड़िता की मां ने बताया कि आया पहले बेटी को इंजेक्शन लगाती और फिर उसे एक कमरे में ले जाती, जहां चालक बेटी की अस्मत लूटता।

स्कूल जाने से किया इंकार
करीब एक माह तक आरोपी किशोरी को अपनी हवश का शिकार बनाता रहा। इतना ही नहीं उसे नशे के साथ सेक्सवर्धक इंजेक्शन दिए गए, जिससे वो सुस्त रहने लगी। किशोरी ज्यादती से परेशान होकर स्कूल जाना बंद कर दिया और गंभीर रूप से बीमार पड़ गई। पीड़िता की मां ने बताया कि बेटी की हालत खराब होने पर उसे लेकर डॉक्टर के पास गए। डाक्टर ने जो बताया उसे सुनकर मेरे पैरों तले जमीन खिसक गयी। डाक्टर ने उसे बताया कि उसकी मूक बधिर बेटी के साथ लगातार कुछ गलत हो रहा है जो वो आपको नहीं बता पा रही है। इसके बाद काफी पूछताछ में बच्ची ने इशारों की भाषा में बताया कि स्कूल में एक आंटी उसके कपड़े उतार कर इन्जेक्शन लगाती है और फिर एक अंकल उसके साथ गन्दी हरकत करते।

दरोगा ने अकेले में की पूंछतांछ
बेटी के साथ रेप की बात सामने आने पर मां व अन्य लोग उसे लेकर कैंट थाने गए। जहां दरोगा ने पहले तो मामला दर्ज करने से इंकार कर दिया। लोगों ने पूरे प्रकरण की शिकायत एसएसपी अखिलेश कुमार से कहने की बात कही तो थानेदार सरेंडर हो गया और परिजनों को अपने रूम से बाहर कर किशोरी के साथ पूंछतांछ की। जबकि नियम यह है कि बाल अपराध के मामले में बच्चे पुलिस वर्दी में पूछताछ नहीं करेगी। मामला अगर बेटी से जु़ड़ा है तो अलग कमरे में महिला पुलिस पूछताछ करेगी। लेकिन थाने में इन्सपेक्टर ने बच्ची को अपने केबिन में बुलाकर पूछताछ की। परिवार वालों का आरोप है कि मूक बधिर किशोरी से कई तरह से सवाल पूछे गए, सरसर गलत है। पीड़िता की मां ने बताया कि दरोगा ने स्कूल की प्रिंसिपल को बुलाया और पीड़िता के साथ बैठाकर पूछताछ की। तभी थाने के बाहर खड़े लोग भड़क गए और हंगामा करने लगे। सूचना मिलने पर डीएसपी अजीत सिंह थाने पहुंचे और दरोगा को फटकार लगा तत्काल एफआईआर दर्ज कर किशोरी को मेडिकल के लिए भेजा।

स्टाफ की परेड करायी
मामले की नजाकत को भांप कर देर रात कैण्ट सर्किल के डीएसपी मुकदमा दर्ज करा सीधे स्कूल पहुंचे। स्कूल के सभी स्टाफ की परेड करायी। मामले पर डीएसपी पे बताया कि स्कूल के वैन चालक और एक आया के बारे में किशोरी ने इशारों के जरिए नाम उजाकर किए हैं। पुलिस दोनों को जल्द गिरफ्तार कर बाद जेल भेजगी। सूत्रों का कहना है कि रविवार की सुबह उर्सला अस्पताल में मेडिकल के बाद रिपोर्ट में रेप की हुई है। लेकिन पुलिस अभी भी जांच की बात की रही है। स्थानीय लोगों की मानें तो यहां भी देवरिया जैसा कृत्य चल रहा था। पुलिस मामले का दबाने पर लगी है। पड़ोस के रहने वाले निजाम कहते हैं कि हम जल्द ही पूरे प्रकरण को लेकर एडीजी जोन से मिलेंगे और स्कूल के अंदर चल रहे खेल की जांच कराए जाने की मांग करेंगे।

सरकार को करानी चाहिए जांच
मौलाना नदीम ने कहा कि स्कूलों और बालगृहों में मासूम बच्चियों के साथ रेप की घटनाओ को लेकर योगी सरकार को कड़े कानून बनाने चाहिए। पुलिस मामला दबाए तो उपरोक्त थानेदार को भी जेल भेजने का प्रावधान करें। कहा, पुलिस थानों में पूछताछ के बहाने रेप पीड़ितों का मानसिक बलात्कार किया जाता है। इस बच्ची के बयान के बाद पुलिस और कैण्ट बोर्ड को आरोपों के घेरे में आये इस स्पेशल स्कूल की सघन जांच करनी चाहिये, ताकि पता चल सके कि अन्य मन्दबुद्धि बच्चियॉ महफूज हैं या वे भी दरिन्दगी को शिकार बनायी जा रही हैं। नदीम ने बताया कि यहां गरीब व मंदबुद्धि के बच्चे और बच्चियां पढ़ते हैं। जब एक किशोरी के साथ इतना बड़ी वारदात हुई है तो संभव है कि आरोपियों ने अन्य किशोरियों के साथ भी घिनौना कुत्य किया हो सकता है।

 

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