केशव प्रसाद मौर्य का हुआ घेराव, डिप्टी सीएम के सामने लगे सरकार विरोधी नारे

Nitin Srivastava

Publish: Dec, 08 2017 01:31:20 (IST) | Updated: Dec, 08 2017 01:38:11 (IST)

Lucknow, Uttar Pradesh, India
केशव प्रसाद मौर्य का हुआ घेराव, डिप्टी सीएम के सामने लगे सरकार विरोधी नारे

डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य की जनसभा में खूब हुआ हंगामा, ये है वजह...

कानपुर देहात. कानपुर देहात की सिकन्दरा विधान सभा उपचुनाव का नामांकन दौर समाप्त होते ही बीजेपी के नेताओं की जनसभा का दौर शुरू हो चुका है। जिसके तहत गुरुवार को सिकन्दरा में बीजेपी प्रत्याशी अजीत सिंह पाल के समर्थन में जनसभा को संबोधित करने के लिये उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य का आगमन हुआ। मंच से संबोधित करते हुए डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने सपा, बसपा और कांग्रेस को जमकर कोसा और बीजेपी की उपलब्धियां गिनाते रहे।

 

डिप्टी सीएम के खिलाफ गुस्सा

अपने भाषण के दौरान डिप्टी सीएम लगभग 45 मिनट मंच से बोलते रहे, लेकिन एक बार भी उनके जहन में कानपुर नगर के बिल्हौर में मारे गए पत्रकार नवीन का जिक्र करने का विचार नहीं आया कि उनको श्रद्धांजलि देकर चंद शब्द उनकी आत्मा की शांति के लिये बोलकर परिजनो को ढांढस प्रदान करें। उन्हें प्रत्याशी याद था, उसको जिताने का आह्वान करना याद था, लेकिन बेरहमी से मारे गये पत्रकार नवीन नहीं याद आए। लिहाजा पत्रकारों में रोष व्याप्त रहा।

 

लगे सरकार विरोधी नारे

कार्यक्रम में बीजेपी के कई नेता थे, वहां मौजूद पुलिस का पूरा अमला भी उनका था। बावजूद इसके कानपुर देहात के पत्रकारों ने डिप्टी सीएम से आंखे मिलाकर सरकार और पुलिस विरोधी नारे उनके सामने लगाए। केशव प्रसाद मौर्य का चेहरा धुंआ हो गया। पत्रकारों ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य का घेराव किया। दरअसल नवीन गुप्ता के हत्यारों की गिरफ्तारी न होने से पत्रकारों में रोष स्पष्ट दिख रहा था। पत्रकारों ने डिप्टी सीएम के सामने सरकार विरोधी नारे लगाए।सरकार विरोधी नारे सुन और नवीन के हत्यारों को फाँसी दो के नारे सुन डिप्टी सीएम शर्मसार हो गए ओर बोले कि
मैं भूल गया था। मुझे मंच से पत्रकार नवीन को श्रद्धांजलि देनी चाहिए थी, जिसके बाद उन्होंने पत्रकार नवीन को श्रद्धांजलि दी।

 

नहीं गया बीजेपी का कोई नेता

दरअसल नवीन की हत्या के 7 दिन गुजर जाने के बाद भी बीजेपी सरकार का एक भी मंत्री पत्रकार नवीन के घर नहीं गया। जब पत्रकारों ने पूछा कि सरकार की पत्रकार नवीन के प्रति इतनी उदासीनता क्यों, तो डिप्टी सीएम बोले कि जल्द ही बीजेपी नेता नवीन के घर जाएंगे। लेकिन न तो मुआवजे की बात की और न ही गिरफ्तारी को लेकर पुलिस को कोई हिदायत दी। जिससे सरकार की मंशा कुछ स्पष्ट नजर नहीं आई।

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