हैलट परिसर से हर हाल में कब्जे हटवाएं: DGME

हैलट परिसर से हर हाल में कब्जे हटवाएं: DGME
hallet hospital

Abhishek Gupta | Publish: Jun, 11 2016 11:19:00 PM (IST) Lucknow, Uttar Pradesh, India

हैलट में शनिवार को महानिदेशक चिकित्सा-शिक्षा (डीजीएमई) डॉ बीएन.त्रिपाठी ने अचानक हैलट के ओपीडी, जच्चा बच्चा अस्पताल व मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल में छापा मारा।

कानपुर. हैलट में शनिवार को महानिदेशक चिकित्सा-शिक्षा (डीजीएमई) डॉ बीएन.त्रिपाठी ने अचानक हैलट के ओपीडी, जच्चा बच्चा अस्पताल व मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल में छापा मारा। इस दौरान ओपीडी के मेडिसिन व सर्जरी विभाग और जच्चा बच्चा अस्पताल के आधा दर्जन डॉक्टर गायब मिले। जिन पर डीजीएमई ने कार्रवाई की बात कही| इस दौरान हैलट परिसर में अवैध रुप से कब्जा जमाए लोगों के बारे में प्रिंसिपल से जानकारी की और जल्द से जल्द कब्जे हटवाने के निर्देश दिए| डीजीएमई ने कहा कि 1980 से यहां लोग अवैध रुप से रह रहे हैं, और हैलट प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है| डीजीएमई ने पंद्रह दिनों के अंदर हैलट परिसर से कब्जेधारियों को हटाने के निर्देश दिए| साथ ही उन्होंने इस बावत डीएम और एसएसपी से बात कर हैलट से कब्जे हटवाने के लिए मदद की बात कहीं| इस दौरान डीजीएमई ने हैलट ती चरमराई बिजली व्यवस्था के बारे में प्रशासन ने पूछताछ की, जिस पर सभी बंगले झांकते नजर आए|

हैलट ओपीडी में परखी हकीकत

डीजीएमई सबसे पहले हैलट के ओपीडी में पहुंचे। यहां उनके आने की जानकारी मिलते ही हड़कंप मच गया। कई डॉक्टर गायब थे। इस दौरान मरीजों से हालचाल व दवाओं के बारे में जानकारी ली। इसके बाद जच्चा-बच्चा अस्पताल में ओपीडी व इमरजेंसी देखी। रजिस्ट्रेशन रूम में अंधेरे में बैठे मिले कर्मचारी संजय से पूछा कि अंधेरे में क्यों बैठे हो तो बताया कि बल्ब की रोशनी में काम करने में दिक्कत हो रही है। इस पर श्री त्रिपाठी ने कहा कि सीएफएल लगवा लें और इसके लिए उन्होंने सौ रुपये कर्मचारी को दिए। इसी कड़ी में वार्डो का निरीक्षण कर रजिस्टर देखें तो कई सिस्टर गायब मिले। वार्डो में गंदगी मिलने पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने विभागाध्यक्ष किरण पाण्डेय को आदेश दिए कि सफाई की व्यवस्था की जाए। एक जगह मरीज के इंजेक्शन लगा नर्स ने रैपर वहीं फेंक दिया था तो तीमारदारों व मरीजों को भी हिदायत दी कि कूड़ा डस्टबिन में फेंके। उन्होंने सौ डस्टबिन मंगाकर लगाने के आदेश दिए।
मुरारी लाल चेस्ट अस्पताल व ब्लड बैंक में भी व्यवस्था को देखा।

जीर्णोद्वार को और चालीस करोड़ मिले

महानिदेशक चिकित्सा-शिक्षा डॉ बीएन त्रिपाठी ने पत्रकारों से वार्ता करते हुए कहा कि पिछले साल अस्पताल के सुधार के लिए 25 करोड़ मिले थे। इस बार भी 40 करोड़ रुपये मिले हैं। इससे शौचालय, वार्ड व अन्य काम कराए जाएंगे। काम हो भी रहे हैं। उन्होंने कहा कि हैलट अस्पताल में मशीन से सफाई कराई जाएगी, इसके लिए टेंडर पास हो गए हैं। ब्लड बैंक से रक्त लेने के साथ ही रक्त दान करें। ब्लड बैंक में तभी ब्लड होगा जब लोग दान करेंगे। अनाथ लोगों को ब्लड दिया जाता है। अतिक्रमण करने वालों पर होगी कार्रवाई हैलट परिसर के अंदर कब्जा करने वाले अफसरों व कर्मचारियों पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी।
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