पंचायत चुनाव में आरक्षण सूची बदलने का मामला आया सामने, डीपीआरओ पर गंभीर आरोप, हुयी कार्यवाही

डीपीआरओ द्वारा आरक्षण सूची बदलकर जारी करने की पुष्टि का मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी ने 3 लोगो को सस्पेंड कर दिया है।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 08 Apr 2021, 01:02 PM IST

पत्रिका न्यूज नेटवर्क

कानपुर देहात. जिले में पंचायत चुनाव (Panchayat Chunav) से पहले जारी किए गए क्षेत्र पंचायत (BDC) के आरक्षण में डीपीआरओ (DPRO Kanpur Dehat) पर रुपये लेकर सीटे बदलने का गम्भीर आरोप लगा है। हाईकोर्ट ने 2015 के आरक्षण पर चुनाव कराने के लिये राज्य निर्वाचन आयोग (Rajya Nirvachan Aayog) पंचायत को निर्देशित किया था। हाईकोर्ट के आदेश के बाद राज्य निर्वाचन आयोग ने यूपी के सभी जनपदों में 2015 की आरक्षण सूची जारी कर चुनाव कराने के लिये निर्देश दिया। जिसके बाद कानपुर देहात में भी आरक्षण जारी हुआ। लेकिन जनपद के मलासा ब्लाक से बीडीओ (Malasa BDO) द्वारा जारी की गई आरक्षण सूची को डीपीआरओ ने बदल दिया और अंतिम आरक्षण सूची जारी कर 39 गांवों का आरक्षण बदल दिया।

सबसे बड़ी बात यह है कि आखिर आरक्षण सूची जारी करने में डीपीआरओ के साथ जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत सभी के हस्ताक्षर होते है। किसी को आरक्षण बदलने की भनक तक नही लगी या फिर आरक्षण बदलने में सभी ने सहयोग किया है । डीपीआरओ द्वारा आरक्षण सूची बदलकर जारी करने की पुष्टि का मामला संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी (DM Kanpur Dehat) ने 3 लोगो को सस्पेंड कर दिया है वही डीपीआरओ की भूमिका की जांच के लिये मुख्य विकास अधिकारी को जांच सौंपी है। अब बड़ा सवाल ये उठता है कि आरक्षण सूची जारी करने में डीपीआरओ के साथ साथ जिलाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी सभी ने हस्ताक्षर किए हैं तो इस मामले तो सभी लोग दोषी हैं।

जनपद के मलासा ब्लाक का ये हाल है। अगर इसी तरह जनपद के सभी ब्लाकों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो बड़ा मामला सामने आने की उम्मीद है । वही ऐसे मामले में मुख्य विकास अधिकारी (CDO Kanpur Dehat) को जांच कराने का क्या मतलब है अगर मामले की निष्पक्ष जांच करानी है तो राज्य निर्वाचन से होनी चाहिये और जो भी दोषी पाया जाए उसके खिलाफ कार्यवाही की जानी चाहिये। वही गलत आरक्षण जारी करने के बाद मामला तूल पकड़ते देख जनपद के डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह मीडिया के सवालों से बचने के हुए आफिस छोड़कर चले गए। डीपीआरओ आफिस में खाली कुर्सी पड़ी है।

वही डीपीआरओ द्वारा मलासा ब्लाक के 39 गांवों की आरक्षण सूची बदलकर जारी करने के मामले को शिकायत कर्ता भानु प्रताप सिंह ने यूपी राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत दर्ज करायी है। शिकायत कर्ता की माने तो जनपद के डीपीआरओ अनिल कुमार सिंह भ्रष्टाचार में लिप्त है। मलासा ब्लाक के क्षेत्र पंचायतो में रुपये लेकर अंतिम आरक्षण सूची जारी की है। वही शिकायतकर्ता ने राज्य निर्वाचन आयोग से शिकायत में ये भी कहा है कि डीपीआरओ पर पूर्व जनपदों में तैनाती के दौरान भी भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। जनपद में डीपीआरओ के रहते निष्पक्ष चुनाव होने की आशंका जता इन्हें हटाने की मांग की थी। वही शिकायत कर्ता भानु प्रताप ने कहा कि वो इस मामले को लेकर हाईकोर्ट भी जाएंगे।

वहीं इस संबंध में जब मलासा ब्लाक की बीडीओ उषा देवी से बात की गई तो बीडीओ ने बताया कि मेरे द्वारा आरक्षण सूची सही जारी की गई थी। अंतिम सूची प्रकाशन में कैसे गड़बड़ी कर दी गयी, उन्हें नही पता। ये उच्चाधिकारियों का मामला है, फिलहाल गलत हुआ है। वहीं जनपद के अपर जिलाधिकारी प्रशासन पंकज वर्मा से बात की गई तो पंकज वर्मा ने बताया कि मलासा ब्लाक की अंतिम आरक्षण सूची बदलकर जारी की गई है। आरक्षण सूची बदलने की पुष्टि पाये जाने पर 3 लोगो को सस्पेंड किया गया है। डीपीआरओ के भूमिका की जांच के लिये सीडीओ को जांच दी गयी है।

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