योगी की इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर अभी भी शिकायतें हैं लंबित, दर दर भटक रहें हैं लोग

योगी की इस महत्वाकांक्षी योजना को लेकर अभी भी शिकायतें हैं लंबित, दर दर भटक रहें हैं लोग

Arvind Kumar Verma | Publish: Sep, 03 2018 03:21:15 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

यूपी सरकार की कर्जमाफी योजना में लम्बा समय बीतने के बाद अभी भी पात्र किसान दर दर भटक रहे हैं। दरअसल वंचित रहे पात्र किसानों ने 11 हजार से अधिक शिकायते की थी, जिनमें 166 शिकायतें अभी लम्बित हैं।

कानपुर देहात-सूबे की बीजेपी सरकार ने प्रदेश के किसानों को कर्ज मुक्त कराने के लिए किसान ऋणमाफी योजना चलाई थी लेकिन योजना को लेकर अभी भी शिकायतों का दौर चल रहा है। किसानों का आरोप है कि ऋण माफी की पात्रों को योजना का लाभ नही मिला जबकि अपात्रों को इसका पूरा फायदा मिला है। इसके चलते जिले में इस योजना को लेकर 11 हज़ार से अधिक शिकायतें दर्ज कराई गई थी। हालांकि मुख्यमंत्री ने किसानों की ऋण माफी को लेकर सख्त हिदायत दी थी बावजूद इसके लाफी समय बीत जाने के बाद भी अभी भी एक सैकडा से अधिक शिकायतें लम्बित पड़ी हैं। शिकायतों में किसानों ने सरकारी मिलीभगत से अपात्रों को लाभ देने की शिकायत की है। जबकि प्रशासन का दावा है कि कर्ज माफी योजना से जुड़ी सभी शिकायतों का जल्द से जल्द निस्तारण कर दिया जाएगा।

 

लगातार शिकायतों का चल रहा दौर

अकबर ब्लॉक के ग्राम लोहारी के रहने वाले किसान राम नरेश सिंह ने मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर कर्जमाफी से जुड़ी शिकायत दर्ज कराई है। राम नरेश ने आरोप लगाया है कि गांव के एक ऐसे व्यक्ति को कर्जमाफी का लाभ दिया गया है, जिसके पास कर्ज माफी के लिए तय किये गए मानक से अधिक जमीन थी लेकिन पात्र होने के बावजूद मुझे लाभ नहीं मिला। जिसके चलते वह अपनी मांग को लेकर लगातार अफसरों के चक्कर काट रहा हैं लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। इसके अतिरिक्त ऐसी काफी शिकायतें दर्ज कराई गई, जिनमें पात्र होने के बावजूद किसान योजना से लाभान्वित नहीं हुए हैं।

 

जिम्मेदारों ने कहा कि

दरअसल कर्ज माफी के मामले में जिले में 11 हज़ार से अधिक शिकायतें सामने आई थी। इन शिकायतों में से 166 शिकायतें अभी भी लम्बित हैं। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी सुमित पटेल ने बताया कि बैंकों से भेजे गए डाटा में बहुत सारे किसानों के नाम शामिल नहीं हो सके थे। इसे देखते हुए सरकार ने शासनादेश जारी कर ऐसे वंचित किसानों को भी योजना का लाभ देने के निर्देश दिये थे। इसके बाद किसान से आवेदन पत्र हासिल कर तहसील और बैंक से उनका सत्यापन कर सभी पात्र किसानों को योजना के दायरे में लाने की कोशिश की गई। जिन किसानों की शिकायतें या आवेदन लम्बित हैं, उनका भी जल्द निस्तारण किया जाएगा।

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