कोरोना ने बिना परीक्षा पास कराया पर नया सत्र फंसाया

अभी तक नई कॉपी-किताबों और यूनिफार्म को लेकर स्कूलों में असमंजस
बोर्ड परीक्षा का मूल्यांकन, परीक्षा परिणाम और नया सत्र भी होगा लेट

कानपुर। कोरोना वायरस ने एक तरफ दुनिया भर में कहर मचा रखा है तो इसका असर शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ा है। कोरोना के चलते ज्यादातर पब्लिक स्कूलों में बच्चे बिना पूरी परीक्षा दिए ही पास हो गए और अगली कक्षा में पहुंच गए। हालांकि इसके बाद नई समस्या खड़ी हो गई है। अब अगले सत्र के लिए कॉपी किताबों और यूनिफार्म को लेकर अभी तक कुछ तय नहीं हो पाया है। दूसरी ओर बोर्ड परीक्षा पर भी इसका असर हुआ है। कोरोना के कारण मूल्यंाकन लेट पूरा होगा तो रिजल्ट और नए सत्र को शुरू करने में भी देरी होगी।

सीधे अगली कक्षा में मिला प्रवेश
शासन की ओर से जब कोरोना को लेकर अलर्ट जारी किया गया और स्कूलों में अवकाश घोषित हुआ तब ज्यादातर पब्लिक स्कूलों में वार्षिक परीक्षाएं चल रही थीं। अनिश्चितता को देखते हुए पब्लिक स्कूलों को नए सत्र में देरी की संभावना दिखी तो बच्चों को बिना परीक्षा कराए ही अगली कक्षा में सीधे प्रवेश मिल गया। यूपी बोर्ड के विद्यालयों में तो प्रवेश प्रक्रिया ही प्रभावित हो गई। बच्चों को नए सत्र के लिए कॉपी-किताबें लेनी हैं। ज्यादातर पब्लिक स्कूलों ने इस बार इन्हें किताबें-कॉपी किताबें और यूनिफार्म लेने के लिए स्थान नहीं बताए हैं। नई किताबें सत्र के शुरू में नहीं मिल पाएंगी। लर्निंग आउटकम की परीक्षा पहले हो चुकी है जिसका परिणाम आना शेष है। इसके रिजल्ट का केवल शिक्षकों पर असर पड़ेगा।

बोर्ड परीक्षा परिणाम भी लेट
दूसरी ओर यूपी बोर्ड का नया सत्र भी अप्रैल से शुरू होता है। अपवाद छोड़ इस बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों की परीक्षाएं पहले ही हो चुकी हैं। अप्रैल से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होनी है। मूल्यांकन अब तीन अप्रैल से शुरू होने के चलते विद्यालयों में नए सत्र के प्रवेश और पढ़ाई प्रभावित रहेगी। पिछले कई सत्रों से यूपी बोर्ड की पढ़ाई जुलाई से ही शुरू हो पा रही है।

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आलोक पाण्डेय
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