कालेज में हुआ था बवाल, बस फिर चार के खिलाफ एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज

कालेज में हुआ था बवाल, बस फिर चार के खिलाफ एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज

Arvind Kumar Verma | Publish: Sep, 16 2018 06:31:33 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

बीते दिनों मंगलपुर क्षेत्र के एक कालेज में कालेज में बवाल हुआ था। मारपीट की घटना के बाद चतुर्थ श्रेणी कर्मी की सीओ से शिकायत के बाद चार के खिलाफ एससी-एसटी का मुकदमा दर्ज किया गया है।

कानपुर देहात-एससी-एसटी कानून के प्रबल होने के बाद कानून के गलत इस्तेमाल को लेकर हाल में पूरे देश में इस कानून का जमकर विरोध हुआ था लेकिन सरकार पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा, जिससे एससी-एसटी कानून का असर दिखने लगा है। दरअसल मंगलपुर क्षेत्र के शिवसहाय इंटर कालेज में चतुर्थ श्रेणी कर्मी के साथ बीते दिनों हुई मारपीट के मामले में मंगलपुर पुलिस ने कर्मी की तहरीर पर कालेज के प्रबंधक समेत चार के खिलाफ मारपीट व एससीएसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है।

 

चतुर्थ श्रेणी कर्मी ने सीओ से की शिकायत

प्राप्त जानकारी के मुताबिक शिवसहाय इंटर कालेज कौरू संदलपुर में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी शिव कुमार ने क्षेत्राधिकारी डेरापुर को दिए शिकायती पत्र में बताया था कि वह 6 सितंबर को कालेज गया तो उपस्थिति पंजिका में अनुपस्थित लगी थी। जब मैंने प्रधानाचार्य अमरनाथ कटियार से पूछा कि छुट्टी भेजने के बाद भी अनुपस्थित क्यों लगा दी। इस पर आग बबूला हुए प्रधानाचार्य व शिक्षक मोती सिंह एवं अखिलेश कटियार ने मेरी पिटाई कर दी। विरोध करने पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। इसके बाद में छात्रों को मेरे खिलाफ भड़काकर उनसे भी पिटवाया। फिर प्रधानाचार्य ने फोन करके प्रबंधक राजेन्द्र सिंह को बुला लिया। उन्होंने ने भी मेरे साथ मारपीट की। जैसे तैसे पहुंचे चौकी प्रभारी संदलपुर ने पहुंच कर मुझे बचाया था।

 

दुरुपयोग रोकने को बरती जा रही सतर्कता

कानपुर देहात के मंगलपुर इंस्पेक्टर तुलसी राम पांडेय ने बताया कि पुलिस क्षेत्राधिकारी के आदेश पर प्रबंधक, प्रधानाचार्य व दो शिक्षकों पर मारपीट व एससीएसटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। वहीं दूसरी ओर सरकार एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग रोकने को लेकर गंभीर है। विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसके झूठे मुकदमे लिखाने वालों को जेल भेजे जाने की व्यवस्था है। अनूसूचित जाति-जनजाति आयोग अध्यक्ष बृजलाल भी कहते है कि कानून का दुरुपयोग किसी दशा में नहीं होने दिया जाएगा।

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