ईपीएफओ ने पीएफ अंशधारकों को किया अलर्ट, फोन पर यूएएन किसी को न बताएं

ईपीएफओ ने पीएफ अंशधारकों को किया अलर्ट, फोन पर यूएएन किसी को न बताएं

Alok Pandey | Updated: 18 Jul 2019, 11:32:17 AM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

ईपीएफओ में अंशधारक को फोन करने का कोई नियम नहीं है
कोई कॉल आए तो किसी भी हाल में यूएएन न बताएं

कानपुर। ईपीएफओ ने अपने सभी पीएफ अंशधारकों को साइबर ठगी से अलर्ट किया है। संस्थान ने साफ-साफ कहा है कि ईपीएफओ में पीएफ अंशधारक को किसी भी मामले में न फोन किया जाता है और न ही फोन करने का कोई नियम है। इसलिए कोई भी फोन आए और आपके पीएफ अकाउंट से जुड़ी कोई बात करे तो समझ लीजिए की कॉल फर्जी है और आपसे ठगी हो सकती है, इसलिए किसी भी हालात में किसी को अपना यूएएन कभी न बताएं।

साइबर ठगी को लेकर सतर्कता
साइबर ठगी को लेकर ईपीएफओ सतर्क हो गया है। उनका कोई खाताधारक इसका शिकार न बने, इसके लिए ईपीएफओ ने देशभर के सभी 4.50 करोड़ पीएफ अंशधारकों को अलर्ट जारी किया है। जारी संदेश में साफ-साफ कहा गया कि ईपीएफओ कभी भी अंशधारक को फोन नहीं करता है इसलिए किसी के मोबाइल पर कोई कॉल कर यूएएन पूछे तो भूलकर भी न बताएं। यूएएन बताने पर हैकर्स आपके पीएफ खाते से चंद सेकेंड में आपकी गाढ़ी कमाई पर हाथ फेर सकते हैं।

ईपीएफओ को मिल रहीं थी शिकायतें
ईपीएफओ को लगातार पिछले एक महीने से फर्जी कॉल से यूएएन (यूनिवर्सल अकाउंट नंबर) जानने की शिकायतें मिल रही हैं। कॉल कर कभी यूएएन तो कभी आधार या पैन कार्ड का ब्योरा देने को कहा जा रहा है। संस्थान ने क्षेत्रीय कार्यालयों के साथ उपभोक्ताओं को भी स्पष्ट किया कि ईपीएफओ में अंशधारक को फोन करने का नियम नहीं है इसलिए फर्जी कॉल पर सतर्कता बरतें।

अपने निजी फोन और लैपटॉप का ही प्रयोग करें
पीएफ खाता आपका अपना है, उसमें जमा धनराशि और ब्याज की जानकारी किसी को भी नहीं दी जाती है इसलिए फर्जी कॉल पर किसी भी तरह का जवाब देने से बचें। सलाह दी गई है कि पीएफ खाते से एडवांस लेना, पुराने खाते को ट्रांसफर करना व अंतिम भुगतान के लिए ऑनलाइन क्लेम फॉर्म अपने निजी मोबाइल और कम्प्यूटर-लैपटॉप से ही करें।

पीएफ खातों पर हैकर्स की नजर
ईपीएफओ बोर्ड के सदस्य सुखदेव प्रसाद मिश्र का कहना है कि मिल रही शिकायतों को लेकर ईपीएफओ ने अलर्ट जारी किया है। जैसे बैंकों से ग्राहकों का धन निकल रहा है, उसी तरह हैकर्स ने पीएफ खातों पर नजर लगाई हैं। अंशधारक हर हाल में सतर्कता बरतें ताकि खाते सुरक्षित रह सकें। उन्होंने बताया कि ईपीएफओ की तरफ से किसी भी ग्राहक को न फोन किया जाता है और न ही एमएमएस से अंशधारक का ब्योरा मांग जाता है। इतना ही नहीं सभी खाताधारक ऑनलाइन एडवांस के लिए क्लेम फॉर्म भरने के दौरान भी सतर्क रहे और खाता ट्रांसफर पर्सनल कम्प्यूटर लैपटॉप या मोबाइल से ही करें।

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