शिक्षामित्रों का पीएफ भुगतान करने के लिए बीएसए को १५ दिन की मोहलत

ईपीएफओ ने बेसिक शिक्षा विभाग को नोटिस भेजा
एक लाख से ज्यादा शिक्षामित्रों को पीएफ बकाया

कानपुर। लंबे समय से शिक्षामित्रों का बकाया पीएफ रोके बैठे बेसिक शिक्षा विभाग पर कर्मचारी भविष्य निधि संगठन ने दबाव डाला है। ईपीएफओ ने बेसिक शिक्षा विभाग सहित जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी को नोटिस भेजकर भुगतान के लिए कहा है। इसमें परिक्षेत्र के पांचों जनपदों के बीएसए को भी नोटिस जारी हुआ है। इससे पहले भी विभाग को संगठन की ओर से नोटिस भेजे जा चुके हैं, पर उस समय कोई ध्यान नहीं दिया गया। जिसे देखते हुए इस बार सर्व शिक्षा अभियान के निदेशक को भी पार्टी बनाया गया है।

पांच जिलों के १.२२ शिक्षामित्र
उत्तर प्रदेश में लगभग 1.22 लाख शिक्षामित्रों को पीएफ स्कीम का लाभ देने के लिए ईपीएफओ ने फिर से जिलावार नोटिस जारी करनी शुरू कर दी है। ईपीएफओ ने साफ कर दिया है कि स्कीम अप्रैल 2015 से ही लागू मानी जाएगी इसलिए सभी जिलों के शिक्षा मित्रों का बकाया पीएफ तत्काल जमा कराया जाए। नोटिस में विभाग और बीएसए को 15 दिन का समय दिया गया है।

प्रेरकों को भी शामिल किया गया
सर्व शिक्षा में लगे शिक्षामित्रों के साथ प्रेरकों को भी स्कीम का लाभ देने के निर्देश ईपीएफओ ने जारी कर दिए हैं। ईपीएफओ ने कुछ महीने कानपुर समेत पांच जिलों के बीएसए के खातों को अटैच कर बकाया निकाल लिया था लेकिन हाईकोर्ट में रिट दाखिल करने के बाद ईपीएफओ को बैकफुट पर जाना पड़ा। अब ईपीएफ ओ ने नए सिरे से कवायद शुरू कर सभी नोटिस जारी कर शिक्षा मित्रों का सारा अंशदान जमा करने का अल्टीमेटम दे दिया है।

सौ करोड़ से ज्यादा की जरूरत
हाईकोर्ट ने पीएफ देने के लिए शिक्षामित्रों का पूरा ब्योरा ईपीएफओ को देने के निर्देश दे दिए हैं। बावजूद इसके अभी तक कहीं से भी विभाग की ओर से अंशदान नहीं जमा किया गया है। विभाग को पीएफ अंशदान जमा करने में सौ करोड़ से ऊपर की धनराशि जमा करनी पड़ेगी, क्योंकि कानपुर में 33 सौ के शिक्षामित्रों का 8.53 करोड़ बकाया है। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि हर जिले में कितना बकाया होगा।

Show More
आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned