निजी दफ्तरों को शर्तों के साथ खोलने की इजाजत

सुबह 10 से शाम 5 बजे तक होगा काम, देना होगा घोषणा-पत्र

कानपुर। ४६ दिन तक लॉकडाउन की तालाबंदी के बाद जिले के निजी संस्थान, दफ्तर और कंपनियों को खोलने की इजाजत दे दी गई है, हालांकि इसके लिए एक शर्त भी लागू की गई है और शर्त अनिवार्य भी है। इसका पालन किए बिना अगर काम शुरू कराया गया तो इस बार ताला प्रशासन लगवाएगा। इस बावत जिलाधिकारी डॉ. ब्रह्मदेवराम तिवारी सभी को हिदायत दी है कि जरूरी निर्देशों का पालन कड़ाई से कराना आवश्यक है, ताकि शहर में कोरोना संक्रमण की स्थिति पर नियंत्रण बना रहे। अगर जारी निर्देशों की अनदेखी की गई तो संक्रमण बढ़ सकता है और ऐसे में पूर्ण बंदी की स्थिति खड़ी हो सकती है।

मांग के चलते लिया गया निर्णय
इतने लंबे लॉकडाउन के चलते निजी कार्यालयों तथा फर्मों की ओर से मांग भी की जा रही थी कि प्रशासन फिर से काम चालू करने की छूट दे, ताकि हो रहे नुकसान को रोका जा सके। दलील थी कि जब सब कामकाज पटरी पर लौट रहा है तो निजी कार्यालय खोलने की इजाजत दी जाए। कार्यालय बंद होने से हजारों लोग घर बैठे हैं और तमाम लोगों के जरूरी काम भी फंसे हुए हैं। केंद्रीय तथा राजकीय कार्यालय पहले ही खोले जा चुके थे पर निजी कार्यालय बंद थे। जिसके चलते निजी फर्मों के प्रतिनिधियों की मांग को देखते हुए डीएम ने शनिवार देर शाम आदेश जारी कर दिया था।

४० हजार दफ्तरों को मिली छूट
जिलाधिकारी के आदेश से अब करीब 40 हजार दफ्तर खुल जाएंगे और करीब एक हजार लोगों के हाथ में काम होगा। लॉकडाउन के बाद शहर के दफ्तर बंद थे और हजारों कामगार घर बैठे थे। कुछ ने तो दूसरा भी काम शुरू कर दिया था। डीएम के आदेश के बाद रविवार से दफ्तर खोले जा सकेंगे। जिन फर्मों, कार्यालयों में रविवार को साप्ताहिक अवकाश रहता है वह सोमवार से खुलेंगे। कार्य स्थल पर कार्य का समय सुबह 10 से शाम पांच बजे तक ही रहेगा। शाम पांच बजे के बाद अवकाश करना पड़ेगा।

फर्मों को देना होगा स्व घोषणा पत्र
निजी फर्मों, कंपनी तथा कार्यालय के अध्यक्ष या निदेशक को अपनी फर्म के लेटर पैड पर उद्योग कार्यालय में स्व घोषणा पत्र देना होगा। इसमें कोविड 19 की शर्तों के पालन की गारंटी देनी होगी। लोग चाहें तो उपायुक्त उद्योग कार्यालय फजलगंज में जमा करें या फिर मेल कर दें। घोषणा पत्र की एक प्रति संबंधित थाने के थानाध्यक्ष को देनी होगी तथा एक प्रति कार्यालय के नोटिस बोर्ड या गेट पर चस्पा करनी होगी।

इन नियमों का पालन जरूरी
जिलाधिकारी की ओर से जारी निर्देशों में कहा गया है कि काम चालू करने से पहले आफिस, कंपनी व फर्म परिसर को रोज सेनेटाइज कराना पड़ेगा, साथ ही परिसर में प्रवेश करने वाले सभी वाहन सेनेटाइज के बाद ही अंदर जाने दिया जाएगा। इसके अलावा आते और जाते समय थर्मल स्कैनिंग अनिवार्य की जाएगी। इसे रोजाना नोट किया जाएगा। सभी कर्मचारियों के हाथ धोने के लिए सेनेटाइजर की व्यवस्था करनी होगी और कार्यस्थल में दो पालियों के बीच एक घंटे का अंतर होगा और सामूहिक लंच प्रतिबंधित रहेगा। किसी भी मीटिंग में 10 या इससे अधिक लोग एक साथ नहीं बैठेंगे। एक लिफ्ट में एक बार मे दो या चार व्यक्ति ही जाएंगे और गुटखा व तंबाकू पर रोक और थूकना प्रतिबंधित होगा। कार्यस्थल पर बाहरी लोगों के आने पर रोक लगेगी।

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आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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