आपसी दुश्मनी की रंजिश में फंसाने के लिए किया था कालिंदी में धमाका

नाम लिखकर डायरी और लेटर को भी मौके पर छोड़ा गया

नौ लोगों ने मिलकर रची साजिश, दो की पहचान, फरार

कानपुर। कालिंदी एक्सप्रेस में हुआ धमाका कोई आतंकवादी घटना नहीं थी। गांव की आपसी रंजिश में विरोधी को फंसाने के लिए कुछ लोगों को टे्रन में धमाका कर इसे आतंकी घटना का रूप दिया था। पुलिस को पता चल गया है कि इसमें नौ शिवरापुर और चौबेपुर इलाके के लोग शामिल थे। दूसरी ओर संदेह के घेरे में आए गाजीपुर को पुलिस ने छोड़ दिया है।

जानबूझकर डायरी और लेटर छोड़ा गया
जांच में पता चला है कि गांव की रंजिश में एक योजना के तहत धमाका किया गया था। डायरी और लेटर भी मौके पर ही छोड़ दिया था। मास्टर माइंड दो युवकों का सुराग भी लग चुका है। फर्रुखाबाद जीआरपी प्रभारी मुकेश मलिक ने बताया कि विस्फोट करने वाले सभी युवकों का पता चल गया है। दो के तो मोबाइल भी ट्रेस किए जा चुके हैं। एक-दो दिनों में आरोपित गिरफ्त में होंगे। जांच में यह भी पता चला है कि आपसी रंजिश में दुश्मनों की फंसाने की खातिर साजिश रची गई।

शिवराजपुर में डटी टीमें
पिछले दस दिन से जीआरपी, पुलिस तथा एटीएस की टीमें विस्फोट के आरोपितों के पीछे लगी हुई हैं। मुख्य आरोपितों तक पहुंचे की कोशिश में सुरक्षा एजेंसियों की टीमें 20 फरवरी से ही शिवराजपुर में डेरा डाले हुए हैं। अनवरगंज स्टेशन की जीआरपी टीम मक्कापुरवा गांव में जांच केंद्रित कर दिया है। शुक्रवार शाम पुलिस टीम ने 16 ग्रामीणों से अलग-अलग पूछताछ की। इसमें युवक, महिलाएं और बुजुर्ग भी थे। इनसे पूछताछ में कई अन्य नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब उन तक पहुंचने की तैयारी कर रही है।

गांजा पीने टॉयलेट गया था चंद्रशेखर
गाजीपुर के चंद्रशेखर के टॉयलेट से निकलते ही विस्फोट हो गया था।चंद्रशेखर ने बताया कि वह टॉयलेट में गांजा पीने गया था। उसके निकलने के बाद तेज आवाज के साथ विस्फोट हो गया था। उसे नहीं पता कि विस्फोट किसने किया। जीआरपी चौकी प्रभारी अर्जुन ने बताया कि चंद्रशेखर मानसिक रूप से विक्षिप्त है। बार-बार बयान भी बदल रहा है। कभी कुछ बता रहा तो कभी कुछ दूसरी बात कह रहा है। दो दिनों की पूछताछ में कोई ठोस बात सामने नहीं आई तो उसे छोड़ दिया गया।

आलोक पाण्डेय
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