योगी की गड्ढामुक्त सड़कों के दावे यहां फेल, लोगों में बीजेपी सरकार को लेकर नाराजगी

पुखरायां कस्बे में बने राष्ट्रीय विवेकानंद कालेज के रास्ते से निकलने वाले राहगीरों का पैदल तक चलना दूभर है वहां से निकलने वाली छात्र छात्राओं को भी शर्मसार होना पड़ता है। पूरी सड़क लबालब पानी से भरी हुई है और सड़क के बीच बीच मे गड्ढे हैं। इसके चलते इस सरकार को निष्क्रिय बताते हुए लोगों में रोष व्याप्त है।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 24 Jul 2018, 05:23 PM IST

कानपुर देहात-उत्तर प्रदेश की योगी सरकार सूबे में विकास के नाम पर कई योजनाएं चला रही है। और उन योजनाओं को जान जान तक पहुंचाने के लिए अरबों रुपये पानी की तरह बहाया जा रहा है लेकिन धरातल पर इसका असर नहीं देखने को मिल रहा है। योजनाओं के नाम पर सिर्फ जनपद में खानापूरी की जा रही है। योगी सरकार एक तरफ गड्ढा मुक्त सड़कों की बात कर रही है। स्वच्छता मिशन के तहत जगह जगह कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को जागरूक कर रही है। लेकिन जनपद की पुरानी नगर पालिका पुखरायां के हालात हकीकत की कलई खोलती नजर आ रही है। जहां मुख्य मार्ग पर बने गड्ढे, जिसमें लबालब पानी भरने से मार्ग अवरुद्ध हो जाता है और छात्र छात्राएं स्कूल तक नहीं पहुंच पाती हैं लेकिन जिम्मेदार भी अंजान बने हुए हैं।

 

कालेज की छात्राएं होती हैं शर्मसार

दरअसल कानपुर देहात के पुखरायां कस्बे में में बने राष्ट्रीय विवेकानंद कालेज के रास्ते का हाल इतना बदहाल है कि वहां से निकलने वाले राहगीरों का पैदल तक चलना दूभर है और कालेज जाने के लिए वहां से निकलने वाली छात्र छात्राओं को भी शर्मसार होना पड़ता है। क्योंकि पूरी सड़क लबालब पानी से भरी हुई है और सड़क के बीच बीच मे गड्ढे हैं, जो कि पाई के चलते दिखाई नहीं देते हैं, जो आये दिन हादसे का कारण बनते हैं। इस दौरान सड़क से निकलने वाले लोगों को खासी परेशानी उठानी पड़ती है। खासतौर पर साइकिल से जाने वाली छात्राओं को बड़ी दिक्कत होती है। साइकिल से गिरकर उन्हें शर्मसार होना पड़ता है।

 

स्थानीय लोगों ने कहा सरकार निष्क्रिय

देखा जाए तो अन्य राहगीर दूसरे रास्ते से होकर मंजिल तक पहुंच जाते हैं लेकिन कालेज के छात्र छात्राओं को इसी रास्ते से होकर गुजरना उनकी मजबूरी है। जबकि यहां के स्थानीय लोगों ने कई बार इस समस्या को लेकर कई बार प्रशासनिक अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को अवगत कराया और लिखित शिकायत दी लेकिन सिवाय आश्वासन के कुछ नही मिला, जिससे इस बदहाल स्थिति में लोग जीने को मजबूर हैं। महीनों गुजरने के बाद भी किसी जिम्मेदार ने समस्या को संज्ञान लेना भी उचित नही समझा, इसके चलते इस सरकार को निष्क्रिय बताते हुए लोगों में रोष व्याप्त है।

Arvind Kumar Verma
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