कानपुर यूनिवर्सिटी में 66 शिक्षकों का फर्जीवाड़ा आया सामने, कार्रवाई की हो रही तैयारी

अब विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 22 Nov 2020, 06:42 PM IST

कानपुर-एक विश्वविद्यालय में सेवारत होने के बावजूद प्रदेश के दो अन्य विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालय में पढ़ा रहे 66 शिक्षकों का प्रकरण सामने आया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने फर्जीवाड़ा करने वाले इन शिक्षकों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कार्यवाही करने के लिए महाविद्यालयों को निर्देश दिया है। इन शिक्षकों ने सीएसजेएमयू के साथ बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी झांसी के साथ राम मनोहर लोहिया अवध यूनिवर्सिटी अयोध्या में भी अनुमोदन करा रखा है। यह मामला तब सामने आया जब सीएसजेएमयू के जनसुनवाई समन्वित शिकायत निवारण प्रणाली में एक शिकायतकर्ता जेपी सिंह द्वारा सूचना दी गई।

शिकायतकर्ता ने दी सूची

उन्होंने कानपुर नगर, कानपुर देहात के साथ ही झांसी, जालौन, आंबेडकरनगर, बांदा, चित्रकूट और हमीरपुर समेत दूसरे शहरों में संचालित डिग्री कॉलेजों में शिक्षकों के अनुमोदन की सूची दी है। यह शिक्षक दो से तीन अलग-अलग विश्वविद्यालयों के कॉलेजों में पढ़ा रहे हैं। अब विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे शिक्षकों पर कार्रवाई करने की तैयारी कर रहा है। ज्ञात हो कि इसी तरह का मामला पिछले वर्ष अवध विश्वविद्यालय अयोध्या में भी सामने आया था। जिसमें सीएसजेएमयू के पास ऐसे 250 शिक्षकों की सूची भेजी थी, जो वहां के साथ सीएसजेएमयू के डिग्री कॉलेजों में पढ़ाने के लिए भी अनुमोदित थे।

कुलसचिव बोले की जा रही है कार्रवाई

कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव ने बताया कि शिकायत पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसे शिक्षकों की सूची बनाकर कॉलेजों को नोटिस जारी की जा रही हैं। सीएसजेएमयू के कुलसचिव डॉ. अनिल कुमार यादव ने बताया कि राज्य सरकार एक ऐसा सॉफ्टवेयर बनवा रही है, जिससे ऐसे शिक्षक कई कॉलेजों में अनुमोदन नहीं करा पाएंगे। केंद्रीयकृत व्यवस्था के अंतर्गत एक बार अनुमोदन के बाद जब दोबारा कहीं अनुमोदन कराने जाएंगे तो उनका ब्योरा कंप्यूटर स्क्रीन पर आ जाएगा।

Arvind Kumar Verma
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