किसानों की मुसीबत नहीं हो रही कम, यूरिया के लिए करनी पड़ रही ये मसक्कत

बताया गया कि केंद्र में बीते 9 अगस्त को 22.5 मैट्रिक टन यूरिया खाद आई थी।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 11 Sep 2020, 07:14 PM IST

कानपुर देहात-शासन द्वारा लगातार किसानों के हित के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे इतर है। दरअसल कानपुर देहात के संदलपुर ब्लाक के अन्तर्गत 57 ग्राम पंचायतें आती हैं। यहां के किसान फसलों के लिए जैतापुर पीसीएफ केंद्र से खाद की खरीद करते हैं। लेकिन विगत एक माह से पीसीएफ केन्द्र में यूरिया खाद नही है। इसके चलते किसान मुसीबतों का सामना कर रहे हैं। पीसीएफ केन्द्र सहित प्रभारी कार्यालय में ताला लटक रहा है। इस दौरान खाद लेने के लिए आने वाले किसानों को बैरंग लौटना पड़ रहा है। वहीं फसलों को बचाने के लिए किसानों को बाजार की तरफ रुख करना पड़ रहा है।

दरअसल संदलपुर ब्लाॅक के अन्तर्गत आने वाले गांव जैतापुर पीसीएफ केंद्र पर निर्भर हैं। बताया गया कि केंद्र में बीते 9 अगस्त को 22.5 मैट्रिक टन यूरिया खाद आई थी। जिसके बाद से खाद नही आई। जबकि किसानों को धान, बाजरा की फसल में यूरिया की आवश्यकता है। किसानों ने बताया कि यूरिया खाद न मिलने से उनकी बाजरा की फसल बेकार हो रही है। बताया कि 266 रुपये में मिलने वाली यूरिया 330 रूपये में मजबूरन बाजारों से खरीदनी पड़ रही है।

किसानों के मुताबिक जरूरत के समय केन्द्र में खाद न आने से मंहगे दामों में खाद खरीदनी पड़ रही हैं ।मनकापुर के किसान थीरज ने बताया कि केन्द्र में कई दिनों से ताला लटक रहा है। इससे यहां जानकारी देने वाला भी कोई नहीं है। जैतापुर पीसीएफ केन्द्र प्रभारी राधेश्याम ने बताया कि जिला निबंधक सहकारी समिति पीसीएफ केन्द्र पर यूरिया खाद न भेजकर सहकारी समितियों में खाद भेज रहे हैं। उनके केन्द्र पर एक माह पहले 22.5 मैट्रिक टन खाद आई थी।तब से खाद नही आ रही हैं, इससे किसान परेशान हैं।

Arvind Kumar Verma
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