बारिश न होने से किसानों के सपने चकनाचूर, इस तरह फसल बचाने की चल रही जुगत, हालात बदतर

इन हालातों में किसानों की लागत बढ़ती जा रही है

By: Arvind Kumar Verma

Published: 19 Sep 2020, 07:05 PM IST

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर देहात-जिले के खेतों में धान, मक्का, बाजरा व अरहर की फसलें खड़ी हैं। इसमें सिंचाई को लेकर धान फसल के किसान अब चिंता के दलदल में डूबते जा रहे हैं। सांधुपुर झींझक के किसान सर्वेश कुमार ने बताया कि सरकारी नलकूप न होने से बारिश के अभाव में प्राइवेट ट्यूबबेल से सिंचाई कर रहे हैं। परिवार के गुजर बसर के लिए बटाई पर खेती करते हैं, लेकिन इस बार मुनाफा की बजाय लागत भी निकालना मुश्किल दिख रहा है।

सांधूपुर के किसान वीरेंद्र सिंह सहित अन्य किसानों ने बताया कि इस वर्ष बारिश न होने से किसानों पर भारी बोझ पड़ रहा है। गांव के समीप सरकारी नलकूप है, लेकिन करीब 6 माह से खराब पड़ा है। कई बार शिकायत की गई, लेकिन हालात ज्यों के त्यों बने हुए हैं। गरीब किसान निजी नलकूप संचालकों को शुल्क देकर खेतों में सिंचाई करा रहे हैं। जो अतिरिक्त बोझ के रूप में किसानों के लिए मुसीबत बढ़ा रहा है।

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