किसानों में इस समस्या को लेकर मचा त्राहिमाम, योगी जी कैसे होगा उद्धार

किसानों में इस समस्या को लेकर मचा त्राहिमाम, योगी जी कैसे होगा उद्धार

Arvind Kumar Verma | Updated: 26 Jul 2019, 11:40:25 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

किसान सरकारी रेट से लगभग प्रति बोरी अधिक दाम देकर खाद खरीद कर धान की रोपाई का काम कर रहे हैं।

कानपुर देहात-शासन द्वारा किसानों को लेकर कृषि संबंधी हर सुविधा मुहैया कराने के सख्त निर्देश हैं। बावजूद इसके रसूलाबाद ब्लाक के अंतर्गत 15 साधन सहकारी समितियों में केवल तीन समितियों में ही यूरिया खाद मिल रही है। जिससे किसानों में त्राहि माम मचा हुआ है। समस्याओं के चलते किसान मजबूरी में खुले बाजार से विक्रेताओं यूरिया ले रहे हैं। ऐसे में विक्रेता किसानों का भरपूर शोषण कर रहे हैं। किसान सरकारी रेट से लगभग प्रति बोरी अधिक दाम देकर खाद खरीद कर धान की रोपाई का काम कर रहे हैं।

 

कानपुर देहात के रसूलाबाद विकास खंड के रसूलाबाद साधन सहकारी समिति, पहाड़ीपुर, कहिजरी, नौहा नौगांव, असालतगंज, समायूं, सलेमपुर महेरा, भवनपुर, सिठउमताना, सिमरामऊ आदि 15 साधन सहकारी समितियां कार्यरत हैं। इन सहकारी समितियों में हजारों किसान सदस्य हैं । ये किसान यहां से सरकारी मूल्य पर खाद व बीज लेकर लाभान्वित होते हैं। इस बार ब्लाक क्षेत्र की कहिंजरी, सलेमपुर महेरा व पहाड़ीपुर साधन सहकारी समिति में ही यूरिया खाद आई है। धान की रोपाई के समय इसकी मांग बहुत अधिक बढ़ जाती है।

 

जबकि अन्य समितियों में खाद न आने से बाजार में प्राइवेट उर्वरक विक्रेताओं की चांदी ही चांदी चल रही है। यूरिया के 300 से 320 तक प्रति बोरी दाम वसूल रहे हैं। यदि कोई उनसे रसीद मांगता है तो वे दबंगई पर उतारू हो जाते हैं। जबकि सरकारी समितियों में 267 रुपये प्रति बोरी है। इस संबंध में रसूलाबाद साधन सहकारी समिति में गए सुभाष नगर निवासी किशन मिश्रा ने जब यूरिया खाद के बारे में वहां के लिपिक विक्रेता बेचेलाल से पूछा तो उसने भाव तो 267 रुपये प्रति बोरी का बताया किंतु खाद अभी तक ना आने की जानकारी दी। खंड विकास अधिकारी बब्बन राय ने बताया कि इस संबंध में निबंधक साधन सहकारी समिति से संपर्क कर रसूलाबाद सहित अन्य समितियों में उर्वरक की उपलब्धता करवाने का प्रयास करेंगे।

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