एक बार फिर किसानों का दिल दहल उठा, जब आसमान से पत्थरों की हुई बारिश, किसानों ने बयां किया दर्द

फिलहाल इस दैवीय आपदा से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं।

By: Arvind Kumar Verma

Published: 07 Mar 2020, 04:49 PM IST

कानपुर देहात-बेमौसम हुई बारिश ने एक बार फिर किसानों पर कहर ढहा दिया। बीती रात कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। एकाएक तेज गरज के साथ हुई ओलावृष्टि को देख किसानों में हड़कंप मच गया। लगातार करीब 10 मिनट तक आसमान से बड़े बड़े ओले गिरते ही किसान भगवान से प्रार्थना करते रहे। थोड़ी ही देर में सड़कों और छतों पर सफेदी छा गई। किसानों के मुताबिक ओलावृष्टि से फसलों को बड़ा नुकसान होगा। रवि की फसल बोए किसानों को अब परेशानी झेलनी पड़ेगी। ओलों ने किसानों की फसलों को करीब 70 प्रतिशत नुकसान पहुंचाते हुए संकट में डाल दिया है।

आपको बता दें कि कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र में बेमौसम की बारिश के साथ ओलावृष्टि ने किसानों को रोने पर मजबूर कर दिया। बेहतर उपज के इंतजार में किसान अभी 2 दिन पहले हुई बारिश से चिंतित थे। वहीं अचानक बीते दिन हुई ओलावृष्टि ने उनको खून के आंसू रोने पर विवश कर दिया है। बताया गया कि रसूलाबाद क्षेत्र के असालतगंज, बिरहुन, तिशती, कहिंजरी, उसरी सहित कई इलाकों में बड़े-बड़े ओले गिरे तो किसानों की आंखों में आंसू आ गए। फिलहाल आसमान से हुई पत्थरों की बारिश से किसान अब अपने परिवार का पालन पोषण करने को लेकर चिंतित हो गया है।

यहां तक कि खेती किसानी के लिए गए कर्ज को लेकर भी किसान के माथे पर सिलवटें उभर आईं हैं। किसानों को अब उत्तर प्रदेश सरकार से आशा है कि उनकी फसलें अगर चौपट होती हैं तो सरकार इस ओर ध्यान दे ताकि किसानों को इस संकट में राहत मिल सके। फिलहाल इस दैवीय आपदा से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें हैं। किसान बच्चन सिंह ने बताया कि इस ओलावृष्टि से करीब 70 प्रतिशत फसलें बर्बाद हो गईं। ऐसी स्थिति में किसान कर्ज में डूब जाएगा। परिवार का भरण पोषण करने में मुसीबतों का सामना करना पड़ेगा।

Arvind Kumar Verma
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