करेक्टर रोल लिखने के लिए करेक्टर से खेलना चाहता था अधिकारी

कानपुर की महिला अधिकारी ने जिला कार्यक्रम अधिकारी पर लगाया आरोप

कानपुर। सरकारी कामकाज के बीच विकास भवन स्थित जिला कार्यक्रम अधिकारी के कक्ष में अचानक शोरगुल शुरू हो गया। दोपहर लगभग सवा तीन बजे कार्यालय से तेज-तेज आवाज आना शुरू हो गई। इसी बीच दोनों के बीच मारपीट भी होने लगी। डीपीओ के साथ महिला सीडीपीओ की मारपीट होते देख विकास भवन में हंगामा मच गया। सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दफ्तरों से बाहर आकर यह तमाशा देखने लगे। लड़ते-लड़ते दोनों अधिकारी कक्ष के बाहर भी आ गए। तब अन्य अधिकारियों ने उन्हें रोका। मामला मुख्य विकास अधिकारी तक पहुंचा तो महिला सीडीपीओ ने नवाबगंज थाने में डीपीओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी। इतना ही नहीं दोनों अधिकारियों ने जिलाधिकारी से भी एक दूसरे की शिकायत की है।

महिला सीडीपीओ ने लगाए गंभीर आरोप
महिला सीडीपीओ ने डीपीओ पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला अधिकारी ने बताया कि अलग-अलग तरह से दबाव बनाकर डीपीओ पिछले ढाई साल से उनका उत्पीडऩ कर रहे थे। उन्होंने बताया कि डीपीओ ने मेरा कैरेक्टर रोल वइंक्रीमेंट नहीं लगाया, और दबाव बनाकर लगातार उत्पीडऩ और अभद्रता भी कर रहे। आज भी उन्होंने जब अभद्रता की और हाथ पकड़ा तो मुझसे रहा नहीं गया और मैंने इसका विरोध किया। जिस पर धक्कामुक्की और मारपीट हुई। इसकी शिकायत आला अफसरों से की है।

डीपीओ ने महिला अधिकारी को ही बताया दोषी
दूसरी ओर डीपीओ मोहम्मद जफर खान का कहना है कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने रिश्वत की शिकायत डीएम के यहां की थी, जिसकी जांच कर रहा हूं, जांच रोकने के लिए सीडीपीओ ने आकर अभद्रता की। इस मामले की शिकायत मुख्य विकास अधिकारी से की गई है। उन्होनें बताया कि सीडीपीओ पर आंगनबाडी कार्यकर्ताओं के कई बार आरोप लगाए थे। इसी सिलसिले में शिकायत करने वालों को बुलाया गया था, मगर इसी बीच सीडीपीओ अचानक आकर हंगामा करने लगीं। अभद्रता की और धक्का-मुक्की की।

की जाएगी जांच
इस बारे में मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार सिंह ने बताया कि डीपीओ ने शिकायत की है कि वह सीडीपीओ के खिलाफ जांच कर रहे हैं। इसको लेकर सीडीपीओ ने हंगामा किया और मारपीट भी की है। शिकायत को लिखित रूप से देने को कहा है ताकि जांच की जाए। दूसरी ओर नवाबगंज थाना प्रभारी निरीक्षक रमाकांत पचौरी का कहना है कि ऐसे मामलों में सुप्रीम कोर्ट का स्पष्ट निर्देश है कि विभागीय जांच के बाद मुकदमा किया जाए। तहरीर मिली है। डीएम को जानकारी दी जा रही है। आला अफसरों के निर्देश के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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आलोक पाण्डेय
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