बेटे के लिये दो महीने से बुजुर्ग महिला लगा रही पुलिस अफसरों के चक्कर और नहीं मिल रहा न्याय

Arvind Kumar Verma | Publish: Sep, 04 2018 10:28:17 PM (IST) | Updated: Sep, 05 2018 01:16:22 PM (IST) Kanpur, Uttar Pradesh, India

करीब दो माह पूर्व अपहरण हुये बेटे की रिपोर्ट थाने मे दर्ज होने के बावजूद बेटे का कोई सुराग नहीं लगा तो बुजुर्ग मां अब पुलिस के अधिकारियों के चक्कर काट रही है, मुखिया के दर पर बैठी घंटों बेबस महिला रोती रही।

कानपुर देहात-समाज की रक्षक कही जाने वाली पुलिस के दर पर बैठी एक महिला विलाप करते हुए रो रही थी। हाँथ में एक प्लास्टिक का झोला और आंखों से बरसते आंसुओं के सिवा उसके पास कुछ नही था। बस न्याय के लिए ही वेबस वहां तीन घंटे से गुहार लगा रही थी। कई खाकी वर्दीधारी वहां से गुजरते रहे लेकिन उस बुजुर्ग के आंसुओं की वजह जानना भी उचित नही समझा। दरअसल थाने से निराश होने के बाद उसे सिर्फ पुलिस विभाग के मुखिया से आस थी। इसलिए वह पुलिस अधीक्षक के आफिस जा पहुंची। सुबह से भूंखी प्यासी वह वहां से गुजरने वाले सभी पुलिस कर्मियों से सिर्फ अपने बेटे को वापस लाने की सभी से दुहाई मांग रही थी और कह रही थी मेरा बेटा दिलवा दो लेकिन किसी ने उसकी गुहार नहीं सुनी।

 

2 माह पूर्व लापता हुआ था बेटा

दरअसल झींझक निवासी उस बुज़ुर्ग महिला रानी ने रोते बिलखते बताया कि उसका 12 वर्ष का बेटा मुन्नू लगभग 2 महीने पहले अपहरण हो गया था। शिकायत करने पर थाना मंगलपुर पुलिस ने अपहरण का मुकदमा दर्ज कर लिया लेकिन दो महीने बीत जाने के बाद भी उस बुज़ुर्ग महिला के बच्चे का कोई सुराग अभी तक नहीं लगा। उसका आरोप है कि अब पुलिस उसे थाने से ही भगा देती है। दरअसल अब पीड़ित रानी को थाने से कोई आशा नहीं रह गयी। जिसके बाद पीड़ित रानी न्याय की आस में पुलिस मुख्यालय आयी लेकिन यहाँ भी रानी की फ़रियाद सुनने वाला कोई नहीं था। रानी अपने बच्चे का फोटो लिए पुलिस मुख्यालय में दिखा दिखाकर रो रही थी।

 

आरोप है कि आशियाने को लेकर हो रहा ये खेल

देखने वाली बात ये है कि वहां से गुजरने वाले पुलिस कर्मी उसे नजर अंदाज करते हुए निकल रहे थे। यहां तक कि अधिकारी भी बगल से गुज़र गए लेकिन दुखती रग पर हाँथ रखने वाला कोई मसीह उसे नजर नहीं आया। रानी का आरोप है कि उसके बच्चे मुन्नू का अपहरण इलाके के ही नीरज और अन्नू ने किया है और इन दोनो को स्थानीय बीजेपी विधायक निर्मला संखवार का सरंक्षण है उसने बताया कि वह झींझक सीएचसी में रहती है। ये लोग ये सब इसलिए कर रहे हैं कि वह सीएचसी से घर खाली करके चली जाए। फिलहाल काफी समय बाद आफिस के बैठे पुलिस अफसर ने उसकी व्यथा सुनी लेकिन अभी तक उसके बेटे का कोई पता नही चला है। रोती बिलखती बुजुर्ग मां अभी भी अपने बेटे की राह ताक रही है। इस संबंध में पुलिस का कोई अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नही हैं।

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