मुलायम के करीबी ने सपा का साथ छोड़ पंजे से मिलाया हाथ

घाटमपुर विधानसभा सीट से सपा से दो बार विधायक व फतेहपुर से पूर्व सांसद राकेश सचान ने छोड़ी पार्टी, कांग्रेस की सदस्यता लेकर भरी हुंकार।

By: Vinod Nigam

Published: 03 Mar 2019, 09:09 AM IST

कानपुर। लोकसभा चुनाव का लगभग-लगभग शंखदान हो चुका है। यूपी में सपा-बसपा के गठबंधन के बाद कांग्रेस भी एक्शन में आते हुए प्रियंका गांधी को पार्टी का महासचिव बना 2019 के सियासी अखाड़े में पंजे की जमीन को मजबूत करने के लिए लगा दिया। जिसका असर दिखने भी लगा है। मुलायम सिंह के करीबी व पूर्व सांसद व दो बार के विधायक रहे राकेश सचान को कांग्रेस में शामिल कर समाजवादी पार्टी के अंदर हलचल तेज कर दी है। पूर्व सांसद को दिल्ली में राहुल गांधी की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता दिलाई गई।

कौन हैं राकेश सचान
राकेश सचान मुलरूप से घाटमपुर तहसील के रहने वाले हैं। वर्तमान में इनका घर कानपुर के बर्रा में हैं। राकेश सचान के पिता किसान थे और इंटरमीडिएट की पढ़ाई के बाद ये डीएवी कॉलेज में दाखिला लिया। राकेश सचान ने डीएवी कॉलेज से छात्र राजनीति में उतरे और समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम के संपर्क में आए। नरेश उत्तम ने इन्हें मुलायम सिंह से मिलवाया और महज 25 साल की उम्र में राकेश सचान समाजवादी पार्टी से जुड़ गए। राकेश सचान ने कानपुर के अलावा फतेहपुर में अपनी सियासी जमीन तैयार की। कुर्मी वोटर्स वाली दोनों लोकसभा सीटों में इनका खास प्रभाव है।

घाटमपुर से दो बार रहे विधायक
राकेश सचान का कुर्मी वोट बैंक पर उनका खासा प्रभाव है। राकेश सचान घाटमपुर विधानसभा सीट से 1993 व 2002 में विधायक बने थे। 2009 के लोकसभा के चुनाव में समाजवादी पार्टी ने उन्हें फतेहपुर प्रत्याशी बनाया और जीतकर संसद भी पहुंचे। 2014 के लोकसभा चुनाव में पीएम नरेंद्र मोदी की लहर में उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। इतना ही नहीं मुलायम और अखिलेश सरकार के दौरान राकेश सचान की तूती बोलती थी। पत्नी सीमा को कानपुर से जिला पंयायत का चुनाव लड़वाया और जीत भी दिलवाई। 2017 के विधानसभा में राकेश ने पत्नी सीमा सचान को सिंकदरा सीट से चुनाव के मैदान में उतारा था, पर उन्हें यहां हार उठानी पड़ी।

बेपटरी हुई साइकिल
कांग्रेस का दामन थामने के बाद राकेश सचान ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने मुलायम सिंह की साइकिल को पूरी तरह से चौपट कर दिया है। शिवपाल यादव एक जमीनी नेता थे। पूरी जिंदगी हम जैसे कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर सपा को मजबूत करते रहे। सत्ता मिली तो उनके अंदर अंहकार आ गया। राकेश सचान ने कहा वो कांग्रेस को मजबूत करेंगे। यूपी में गठबंधन की हवा निकल जाएगी। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की अब आंधी चलेगी। राकेश सचान ने बताया कि फतेहपुर के अलावा पार्टी जिन-जिन सीटों पर प्रचार की जिम्मेदारी देगी उसे हम निभाएंगे। राकेश सचान ने बताया कि उन्होंने पिछले एक साल के दौरान अपनी खुद की फौज हर बूथ पर तैनात कर दी है।

कांग्रेस ज्वाइन कर सकते हैं कई नेता
समाजवादी पार्टी और बसपा के गठबंधन के बाद सीटों के बटवारे के बाद दोनों दलों के कई नेता अब कांग्रेस से संपर्क बनाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस के नेताओं की मानें तो जिस दिन प्रत्याशियों की अधिकारिक घोषणा हो जाएगी उसके बादसपा व बसपा के नेता पंजे के साथ होंगे। सूत्र बताते हैं कि सपा के दो पूर्व विधायकों के अलावा बसपा के तीन बड़े नेता कांग्रेस में जा सकते हैं। वहीं राकेश सचान के कांग्रेस ज्वाइन कर लेने पर सपा प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि उनके जाने से पार्टी को कोई फर्क नहीं पड़ेगा। समाजवादी पार्टी और बसपा यूपी में भाजपा को पटखनी देगी। यूपी में कांग्रेस का जनाधार नहीं है।

 

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