कानपुर में कोरोना की दस्तक, चार संदिग्ध मिले, नमूने जांच को भेजे गए

मर्चेंट नेवी कर्मी, जूनियर डॉक्टर और एक महिला समेत चार मरीज

पहले भी मिले थे छह संदिग्ध मरीज, नहीं हुई थी कोरोना की पुष्टि

कानपुर। खौफ, अफवाह और आशंका के बीच कानपुर में फिर से कोरोना की दस्तक का अनुमान मिल रहा है। बीते दो दिनों में चार ऐसे मरीजों को भर्ती किया गया है, जिनमें कोरोना से मिलते-जुलते लक्षण दिखे हैं। जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के संक्रामक रोग अस्पताल (आइडीएच) में कोरोना वायरस संक्रमण के चार संदिग्ध मरीज पहुंचते ही स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। इनके लार के नमूने जांच के लिए लखनऊ भेजे गए हैं। जिसके बाद इनमें कोरोना की पुष्टि हो सकेगी।

ये लोग किए गए भर्ती
जिनके नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं उन संदिग्ध मरीजों में मर्चेंट नेवी कर्मी, एक डॉक्टर व एक युवती और कन्नौज की एक महिला है। मर्चेंट नेवी कर्मी को आइसोलेशन वार्ड में भर्ती कराया गया है, जबकि डॉक्टर को हॉस्टल और युवती को घर में आइसोलेट कर दिया गया है। तीनों के लार के नमूने जांच के लिए किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी लखनऊ भेजे गए हैं। इससे पहले छह संदिग्धों के नमूने भेजे गए हैं, जिनकी रिपोर्ट में कोरोना की पुष्टि नहीं हुई है।

कोरोना जैसे लक्षण
भर्ती कराए गए 28 वर्षीय किदवई नगर निवासी युवती, 24 वर्षीय बर्रा-2 निवासी मर्चेंट नेवी कर्मी व जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के 25 वर्षीय जूनियर डॉक्टर पहुंचे थे। उनमें कोरोना वायरस जैसे लक्षण की शिकायत की। सीएमओ ने मर्चेंट नेवी कर्मी को आइडीएच में भर्ती कराया है। आइडीएच के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अनूप कुमार शुक्ल ने बताया कि युवती कुछ समय पहले अंडमान निकोबार और मर्चेंट नेवी कर्मी कोलंबो से लौटा है। जूनियर डॉक्टर बैंकाक से लौटकर आया है। युवती को उसके घर व जूनियर डॉक्टर को हॉस्टल में आइसोलेट किया गया है। तीनों में फ्लू के लक्षण पाए जाने पर नमूने लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।

दिल्ली से कन्नौज लौटी महिला भर्ती
कन्नौज स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज में कोरोना वायरस से पीडि़त संदिग्ध महिला मरीज को भर्ती कराया गया, डॉक्टरों ने उसे कानपुर एलएलआर अस्पताल रेफर किया है। इंदरगढ़ के गांव में रहने वाला दंपती सात वर्ष से दिल्ली के प्रतापनगर में रहकर मजदूरी करता था। बीते आठ दिन से सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार, कमजोरी व बदन दर्द की तकलीफ से पीडि़त पत्नी को दिल्ली में इलाज में आराम न मिलने पर पति गांव ले आया था। रात में हालत बिगडऩे पर रविवार सुबह बजे एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले गया। डॉक्टरों ने केस हिस्ट्री दिल्ली की होने को लेकर कोरोना वायरस का संदेह जताया और लक्षण देखकर दो घंटे इलाज किया। लेकिन, महिला को सांस लेने में दिक्कत अधिक होने के कारण उसे कानपुर रेफर कर दिया। सीएमएस डॉ. दिलीप सिंह ने बताया कि महिला को सांस लेने में दिक्कत होने के कारण रेफर किया गया है।

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आलोक पाण्डेय
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