बिकरू कांड के 30 आरोपियों पर लगा गैंगस्टर एक्ट, मामला दर्ज

- सभी के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज

- 42 आरोपियों के खिलाफ दाखिल हुई थी चार्जशीट

By: Abhishek Gupta

Published: 24 Oct 2020, 03:45 PM IST

कानपुर. कानपुर के बिकरू कांड (Bikru case) मामले में पुलिस ने 30 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट (Gangster Act) के तहत एफआईआर दर्ज कर दी है। इनमें पुलिस एनकाउंट (Police Encounter) में मारे गए मुख्य आरोपी विकास दुबे (Vikas Dubey) समेत छह लोगों के नाम भी शामिल हैं। वहीं विकास दुबे के साथी गुड्डन त्रिवेदी का शस्त्र लाइसेंस भी निरस्त कर दिया गया है। एसपी ग्रामीण बृजेश श्रीवास्तव ने इसकी जानकारी देते हुए कहा कि 2 व 3 जुलाई की मध्यरात्रि ग्राम बिकरू में दबिश देने गई पुलिस टीम पर हमला करने वाले अन्य 30 आरोपियों के ऊपर भी गैंगस्टर एक्ट के तहत थाना चौबेपुर में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है।

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इन पर दर्ज हुई मकदमा-
एसपी ग्रामीण ने बताया कि कि गैंगस्टर में छोटू शुक्ला उर्फ अखिलेश, श्यामू बाजपेई, राहुल पाल, जहान सिंह, विष्णु पाल उर्फ जिलेदार, राम सिंह यादव, दयाशंकर अग्निहोत्री, शशिकांत उर्फ सोनू पाण्डेय, रामू बाजपेई, गोपाल सैनी, शिव तिवारी उर्फ आशुतोष, उमाकांत उर्फ गुड्डन उर्फ बउआ, संजय दुबे, सुरेश वर्मा, अरविन्द त्रिवेदी, शिवम दुबे, बाल गोविंद, शिवम दुबे उर्फ दलाल, रमेश चन्द्र, गोविंद सैनी, मनीष, धीरज उर्फ धीरू, बल्लू मुसलमान, राजेन्द्र कुमार, नन्हू यादव, सोनू उर्फ सुशील तिवारी, जयकांत बाजपेई, अखिलेश दीक्षित और प्रशांत शुक्ला शामिल हैं। उन्होंने बताया कि इसी के साथ पुलिस मुठभेड़ में मारे गए अपराधी विकास दुबे समेत 6 आरोपियों को भी शामिल किया गया है। जिसे मिलाकर अब तक कुल 36 आरोपियों के ऊपर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई हो चुकी है।

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एसएमपी ने दिया बयान-

एसएसपी/डीआईजी कानपुर ने इस पर बताया कि कि थाना चौबेपुर के ग्राम बिकरू में हुए इस हत्याकांड के मामले में अभियोग पंजीकृत कर विवेचना की गयी है व मा. न्याया. में आरोप पत्र प्रेषित कर दिया गया, जिसमे अग्रिम कार्यवाही करते हुए 30 अभियुक्त गणों के विरूद्ध गैंगस्टर एक्ट की कार्यवाही की गई है।

बीती 2 व 3 जुलाई की मध्य रात्रि शातिर अपराधी विकास दुबे को पकड़ने के लिए बिल्हौर सीओ देवेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम दबिश देने के लिए गई थी। इस दौरान विकास दुबे ने साथियों संग घेराबंदी कर पुलिस टीम पर अंधाधुन फायरिंग कर दी थी जिसमें मौके पर ही आठ पुलिसकर्मियों की मौत हो गई थी। लगभग 6 पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल भी हुए थे।

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