जन्मदिन पर दोस्त पी रहे थे कोल्डड्रिंक, एक ही पल में मच गई चीख पुकार

लीकेज के चलते फटा गैस सिलेंडर, छह झुलसे, हालत गंभीर
धमाका होते ही मची अफरातफरी, जान बचाने को भागे मेहमान

कानपुर। जन्मदिन की खुशियों के बीच गैस सिलेंडर के धमाके ने खुशियों को गम में बदल दिया। धमाके से लगी आग में छह लोग झुलस गए, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हादसा कितना भयानक था यह विस्फोट के स्थान को देखकर ही अंदाजा लग जाता है। हालत यह थी कि कमरे की दीवारों पर भी कपड़ों के जले हुए टुकड़े चिपके हुए थे, यह वही कपड़े थे जो मौके पर लोगों ने पहन रखे थे। यह देखकर पता लगता है कि लोग कितनी बुरी तरह से झुल गए।

लीकेज में पहले आग लगी फिर धमाका
रानी बगीचा निवासी नन्हें यादव का परिवार कोहना में किराए पर रहता हैं। उसके बेटे करन के जन्मदिन पर घर में पार्टी रखी गई थी। शाम को उसका दोस्त अमित दीक्षित घर आया और परिजन जन्मदिन मनाने के लिए तैयारियों में जुटे हुए थे। इस दौरान करन दोस्त अमित के साथ छोटा सिलेंडर भरवाकर लाया तो मां अनीता, बहन मानसी, ममेरी बहन पायल खाना बनाने की तैयारियों में जुट गई। मगर सिलेंडर से गैस लीक हो रही थी। करन अपने दस वर्षीय ममेरे भाई तन्मय और दोस्त अमित के साथ दूसरे कमरे में कोल्ड ड्रिंक पी रहे थे। इसी दौरान लीकेज के चलते छोटे सिलेंडर में आग लग गई। शोर सुनकर करन, अमित के साथ मां अनीता और दोनों बहनों को बचाने तन्मय के साथ कमरे में पहुंचा तभी सिलेंडर धमाके के साथ फट गया। जिससे सभी बुरी तरह झुलस गए।

राज्यमंत्री ने लिया घायलों का हाल
सिलेंडर ब्लास्ट की सूचना मिलते ही राज्यमंत्री नीलिमा कटियार रानी का बगीचा स्थित नन्हें के घर पहुंचीं। हालांकि तब तक पड़ोसी सभी को लेकर हैलट जा चुके थे। इस पर उन्होंने धमाके से क्षतिग्रस्त घर देखा। इसके बाद वह पीडि़तों का हालचाल जानने के लिए हैलट पहुंची इस दौरान उन्होंने रास्ते में ही डीएम को फोन कर हादसे की जानकारी देते हुए एसीएम को भेजकर पीडि़त परिवार को आर्थिक सहायता दिलाने के निर्देश दिए। राज्यमंत्री ने बताया कि डॉक्टरों से उनकी बात हुई जिसमें अनीता, मानसी और पायल के करीब पचास प्रतिशत झुलसने की बात बताई। जबकि अमित, करन और तन्मय की हालत खतरे से बाहर है।

डराने वाला था मौके का नजारा
घायलों से मिलकर राज्यमंत्री नीलिमा कटियार घटना स्थल पर भी पहुंची। उन्होंने बताया कि जब वह घर पहुंची तो वहां का नजारा देखकर सहम गई। धमाके के चलते कपड़ों के चीथड़े और खून के छींटे दीवारों पर चिपके हुए थे। जिस घर में कुछ घंटे पहले हंसी-खुशी का माहौल था एक धमाके ने पूरे परिवार को तहस-नहस करके रख दिया। जन्मदिन के दिन ऐसा हादसा देखकर वह भी गमगीन हो गई और परिजनों को हर संभव मदद का भरोसा दिलाया।

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आलोक पाण्डेय Desk/Reporting
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