खाट के बाद अमित शाह की सजी चौपाल, गांवों की तरफ दौड़ पड़ी योगी सरकार


शहर के मुकाबले गांवों में कम जनाधार, हार के बाद एक्शन में भगवा बिग्रेड

By: Vinod Nigam

Published: 30 Apr 2018, 05:02 PM IST

VINOD NIGAM
कानपुर। उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2017 से पहले राहुल गांधी ने सहारनपुर से खाट यात्रा की शुरूआत की और लगभग-लगभग यूपी के सभी जिलों में उन्होंने खाट बिछाई और किसानों से सीधे रूबरू हुए। लेकिन मतदान के वक्त वोटर्स कांग्रेस के बजाए कमल के पक्ष में खड़े हो गए और सूबे में पूर्ण बहुमत से कमल खिला। एक साल तक योगी सरकार सरकारी सिस्टम को दुरूस्त करने में व्यस्थ रही और इसी का फाएदा समाजवादी पार्टी और बसपा ने उठाया। लोकसभा उपचुनाव में गोरखपुर और फूलपंर में सीएम योगी और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्या के गढ़ में साइकिल दौड़ी। हार के बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह एक्शन में आए और योगी सरकार को शहरों के बजाए गांवों की तरफ जाने का आदेश दे दिया। पिछले पंद्रह दिनों से सीएम के साथ उनके मंत्री, ब्यूरोकेट्स, सांसद, विधायक और पदाधिकारी गांवों में जाकर दलितों के साथ भोजन कर चौपाल लगाकर उनकी समस्याएं सुनकर उनका निराकरण करा रहे हैं। राजनीतिक विशेषज्ञों की मानें तो भाजप की पकड़ शहरों के मुकाबले गांवों में कम है और निकाय चुनाव के दौरान पार्टी को करारी हार उठानी पड़ी थी।
हार के बाद एक्शन में सरकार
विधानसभा चुनाव से पहले सितंबर 2016 में 6 सितंबर को रुद्रपुर, देवरिया से राहुल गांधी ने खाट यात्रा का आगाज किया था। राहुल अपनी इन खाट सभाओं में किसानों से सीधे रूबरू हुए। राहुल की खाट की चर्चा सूबे के साथ ही देशभर में छाई रही, लेकिन मतदाताओं ने राहुल गांधी की खाट के बजाए चायवाले को पसंद कर भाजपा की सरकार बनावा दी। 2017 में योगी आदित्यनाथ देश के सबसे बड़े राज्य के सीएम बनें और एक सप्ताह के अंदर कई एतिहासिक फैसले कर राजनीतिक दलों के अलावा ब्यूरोकेट्स की नींद ***** कर दी। पर तीन माह के बाद सरकार को सरकारी बाबुओं ने अपने कब्जे में कर लिया और विकास का पहिया कागजों में ही दौड़ा। जिसका नतीजा रहा कि निकाय में भाजपा को गांवों में हार के साथ सपा-बसपा का वोट प्रतिशत बढ़ने के साथ ही गोरखपुर और फूलपुर में भाजपा को हार उठानी पड़ी। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एक्शन में आए और पूरी सरकार को गांवों की ओर जाने का फरमान सुना दिया।
प्रतापगढ़ से सीएम ने किया था आगाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्राम स्वराज अभियान के तहत दलित बाहुल्य गांवों में चौपाल लगाने के साथ रात्रि प्रवास का आगाज कर दिया। सीएम ने प्रतापगढ़ में गांववालों के साथ चौपाल लगाई और दलित के घर जाकर जमीन पर बैठकर भोजन किया। इसके बाद सीएम का काफिला सुल्तानपुर की तरफ रवाना हुआ।, जहां वे पंचायतीराज दिवस समारोह में शामिल होने के अलावा कानून-व्यवस्था व विकास कार्यों की समीक्षा की। दरअसल, तमाम सरकारी प्रयासों के बावजूद प्रदेश में सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों की डिलीवरी जमीन पर नहीं पहुंचने और थाने, तहसील, अस्पताल, व सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े कर्मियों की कार्यशैली से जुड़ी शिकायतें कम नहीं हो रही हैं. इसके अलावा जिले के डीएम और कप्तान द्वारा आम जनता की समस्याओं को सुनने में भी कोताही बरती जा रही है। जिसकी जानकारी पार्टी हाईकमान के पास तक पहुंच गई थी, लिहाजा अब मुख्यमंत्री सप्ताह में एक या दो दिन औचक निरीक्षण करेंगे।
इस गांव में डिप्टी सीएम की सजेगी चौपाल
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद पतारा विकास खंड के छांजा गांव स्थित परिषदीय विद्यालय में 3 मई को रात्रि विश्राम करेंगे। गांव की दलित बेवा महिला छुन्नी देवी कोरी के घर खाना खाएंगे। प्रस्तावित कार्यक्रम के मद्देनजर अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने गांव में डेरा जमाना शुरू कर दिया है। डिप्टी सीएम को जिस घर में खाना खाना है, उसका चयन इसलिए किया गया है कि अंदर खुली जगह और चौड़ा आंगन है। 20-25 लोग एक साथ आसानी से बैठकर भोजन कर सकते हैं। घर के आगे और पीछे की ओर भी खुली जगह है। वहीं जिस घर में डिप्टी सीएम के भोजन की व्यवस्थाप्रस्तावित है, उस घर के शौचालय का दरवाजा आंधी में उड़ गया था। गृहस्वामिनी छुन्नी देवी कोरी ने बताया कि इसके बाद किसी तरह उसने प्लास्टिक का दरवाजा लगवाया है जिसकी कुंडी टूट जाने से उसे रस्सी के सहारे बांधना पड़ता है। लेकिन डिप्टी सीएम के आने की जानकारी पर प्रधान और सचिव ने नया दरवाजा लगवा दिया है।
गदगद है बेवा छुन्नी देवी
छांजा गांव निवासी छुन्नी देवी के पति दिवंगत भगवानदीन कोरी घाटमपुर चीनी मिल में संविदा पर गन्ना पर्यवेक्षक के पद पर कार्यरत थे। वर्ष 2009 में चीनी मिल बंद हो गई और वर्ष 2010 में भगवानदीन की बीमारी से मौत हो गई। छुन्नी देवी ने बताया कि पति की मौत के बाद उसे मात्र 1900 रुपये प्रतिमाह पेंशन मिलती है। पति के नाम मात्र एक बीघा कृषिभूमि है जिसमें खाने भर को अनाज पैदा नहीं होता है। बड़ी बेटी वंदना की शादी हो चुकी है। उससे छोटी बेटी रमा देवी स्नातक और अविवाहित है। सबसे छोटा बेटा रवींद्र कुमार बड़ी बहन के यहां पानीपत (हरियाणा) में रहकर पालीटेक्निक कर रहा है। घर में छुन्नी देवी और उसकी छोटी बेटी रमा रहते हैं। छुन्नी देवी ने बताया उनके घर अकबरपुर सांसद देवेंद्र सिंह भोले अधिकारियों के साथ आए और बताया कि उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या उनके घर पर खाना खाएंगे तो उसे बेहद खुशी हुई। डिप्टी सीएम को खाना खिलाना उसका सौभाग्य होगा। वह डिप्टी सीएम से अपनी बेटी और बेटे को नौकरी दिलाने की गुहार करेगी।

 

 

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