राष्ट्रपति के बाद राज्यपाल ने प्रदूषण को बताया खतरा, शोध के जरिए प्रोफेसर-छात्र इसका करें खात्मा

हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह में राज्यपाल अनंदीबेन पटेल ने संदेश दिया, मोबाइल से बच्चों को रखें दूर, अच्छी किताबों के ज्ञान के साथ दें संस्कार।

By: Vinod Nigam

Published: 08 Dec 2019, 09:10 AM IST

Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कानपुर। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद बीते दिनों छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में प्रदूषण को खतरा बता इसके रोके जाने के लिए जल्द से जल्द उचित कदम उठाए जाने की बात कही थी। इसी तरह हरकोर्ट बटलर प्राविधिक विश्वविद्यालय के दीक्षा समारोह के दौरान उत्तर प्रदेश की राज्यपाल अन्नदीबेन पटेल ने चिंता जाहिर कर प्रोफेसर और इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर छात्रों से कहा कि आप मिलकर इसके खात्में के लिए शोध करें। क्योंकि प्रदूषण समाज के लिए एक बड़ी और खतरनाक समस्या बनता जा रहा है। जिसकी चपेट में आने से बच्चे, युवा और बुजुर्ग कई प्रकार की बीमारियों से जूझ रहे हैं।

इजाद करें उपकरण
राज्यपाल ने कहा कि पराली के उपयोग से ऐसे उपकरण बनाए जाएं, जो आम आदमी के लिए लाभदायक सिद्ध हों। इसके लिए प्रोफेसरों को भी नई तकनीक पर नवाचार में आगे आना होगा। युवा वैज्ञानिक इस पर रिसर्च करें। प्रदूषण से शहर की हवा को किस तरह से जहरीली होने से बचाया जा सके उसके लिए उनकपरण बनाएं। राज्यपाल ने कहा कि अन्य देशों के मुकाबले में भारत में प्रदूषण बढ़ा है और ये हमारे भविष्य को बीमार कर रहा है।

छात्रों को दिए मेडल
एचबीटीयू के पहले दीक्षा समारोह का राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्य अतिथि पद्ममश्री संजय गोविंद धांडे ने शुभारंभ किया। यहां समारोह में 13 विद्यार्थियों को कुलपति स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक दिए गए। वहीं एमटेक के 111 व एमटेक के 55 छात्र छात्राओं को उपाधि दी गई। राज्यपाल ने कहा कि देश को विकास के पथ पर ले जाने के लिए तकनीकी शिक्षा व नवाचार आवश्यक है। लेकिन, तकनीकी शिक्षा के साथ अगर चरित्र निर्माण ना हो तो वह किसी काम की नहीं है, इसकी शुरुआत स्कूल स्तर से ही हो जाती है। पढ़ाई के साथ साथ समाज सेवा सद्भावना वह सत्य निष्ठा भी जरूरी है।

किताबें ही मोबाइल से कर सकती दूर
राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कहा कि स्कूली छात्र व्हाट्सएप व मोबाइल पर अपना समय गुजार रहे हैं जो कि गलत है। शिक्षकों को चाहिए कि उन्हें ऐसी पुस्तकों का अध्ययन कराएं जिससे वे इनसे दूर होकर उसको के करीब पहुंचे। अच्छी किताबें मोबाइल से उन्हें दूर करेंगी और यही उनके संस्कार की बुनियाद बनेंगी। राज्यपाल ने बच्चों के अभिभावकों से कहा कि वह घर पर उन्हें मोबाइल से दूर रखें। उन्हें अच्छे संस्कार दें। इसके अलावा उन्होंने प्राथमिक विद्यालय के टीचरों से कहा कि वह बच्चों को जहां किताबी ज्ञान से दक्ष करें वहीं उन्हें देश के इतिहास और भारत के महापुरूषों की जानकारी दें।

कुपोषण पर जताई चिंता
राज्यपाल ने कहा कि लड़कियों में कुपोषण खत्म करने के लिए स्कूल व कॉलेजों को पहल करनी होगी। 25 से 30 फीसद बच्चे कुपोषित होने के साथ जन्म लेते हैं। इसका कारण लड़कियों की काम उम्र में शादी होना भी है। 15 से 16 साल की उम्र में मां बन जाती हैं, जिससे बच्चा भी कमजोर कुपोषित होता है। जांच में जो परिणाम सामने आए हैं, वह चिंताजनक है 16 छात्र कुपोषित हैं। इनमें हीमोग्लोबिन की कमी पाई गई है। इस मौके पर शिक्षा मंत्री कमल रानी वरुण व प्राविधिक शिक्षा सचिव राधा चैहान आदि मौजूद रहे।

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