हैलट के वार्ड में चुड़ैल ने बनाया ठिकाना,ऑपरेटर पर किया जानलेवा हमला

कैश काउंटर पर बैठे कर्मचारी को सुनार्द दी घुंघरू का आवाज, पास जाकर देखा तो काले लिवाज में खड़ी थी एक लड़की और तेज धक्का देकर हुई गायब।

By: Vinod Nigam

Updated: 04 Apr 2019, 03:14 PM IST

कानपुर। आमदिनों की तरह शहर के सबसे बड़े हैलट अस्पताल में सुबह से मरीजों का तांता लगा हुआ था। देररात तक इमरजेंसी में डाॅक्टर मरीजों का इलाज कर रहे थे। यूजर चार्ज काउंटर कक्ष मेें बैठे ऑपरेटर को घुंघरू की आवाज सुनाई दी। वो गैलरी की तरफ बढ़ा और सामने का नजारा देख बहोश हो गया। सूचना पर अलाधिकारी व डाॅक्टर मौके पर पहुंचे। होश में आने के बाद उसने जो दस्तां बयां की उसे सुन हड़कंप मच गया। ऑपरेटर के मुताबिक गैलरी में एक लड़की काले लिवाज में दिखी। मैंने उसे टोका तो तेज धक्का देकर अचानक गायब हो गई और फिर इसके बाद क्या हुआ, मुझे पता नहीं।

काले कपड़े में दिखी लड़की
एलएलआर ओपीडी ब्लॉक के यूजर चार्ज काउंटर कक्ष संख्या 34 पर देर रात कंप्यूटर आॅपरेटर राजकुमार की ड्यूटी थी। कक्ष संख्या 36 आर्थोपेडिक ओपीडी की गैलरी से ही यूजर चार्ज काउंटर का दरवाजा है। राजकुमार ने बताया कि रात में काले कपड़े में एक लड़की आर्थोपेडिक गैलरी से अंदर जाते हुए दिखी थी, वहां जाकर उसे टोका तो अचानक गायब हो गई। इसके बाद जैसे ही वह काउंटर की तरफ जाने को पलटा तो वह फिर से सामने आ गई और जोर से धक्का देकर गायब हो गई। मैं किसी तरह से भागकर काउंटर पर पहुंच पाया। इसके बाद कुछ नहीं पता क्या हुआ और खुद को अस्पताल में भर्ती पाया।

बेहोश पड़ा था ऑपरेटर
रात में तीमारदार काउंट र पर पैसा जमा कराने के लिए आए तो कम्पयूटर आॅपरेटर जमीन पर बेहोश पड़ा था। उन्होंने इसकी जानकारी इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर (ईएमओ) डॉ. सुबोध सिंह को दी। उन्होंने तीमारदारों की मदद से उसे इमरजेंसी में भर्ती कराया। मेडिसिन के जूनियर रेजीडेंट का कहना है कि कंप्यूटर आपरेटर बहुत डर हुआ आया था, उसका ब्लड प्रेशर लो था। उसे भर्ती कर ड्रिप चढ़ाई गई और करीब दो घंटे के बाद वो ठीक हुआ तो चुड़ैल-चुड़ैल कहकर चिल्लाने लगा। पूछने पर उसने पूरी घटना की जानकारी दी।

कर्मचारियों ने कहा लड़की का साया
हैलट अस्पताल के कर्मचारियों ने बताया कि यहां पिछले दो दशकों से एक लड़की का साया अक्सर दिखता आ रहा है। इसकी जानकारी यहां के अलाधिकारियों को दी गई, लेकिन उन्होंने मानने से इंकार कर दिया। एक महिला कर्मचारी जो पिछले बीस सालों से यहां पर पदस्थ है, ने बताया कि कुछ साल पहले एक लड़की ने खुद को केरोसिन छिड़कर आग लगा ली थी। परिजन उसे लेकर हैलट आए और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। महिला की मानें तो तब से लड़की की आत्मा हैलट के आसपास मौजूद रहती है। पर उसने किसी को अभी तक नुकसान नहीं पहुंचाया।

डाॅक्टरों ने कहा वहम
जीएसवीएम मेडिकल कालेज के मनोरोग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर गणेश शंकर कहते हैं काला साया सिर्फ मन का वहम है। जिन्हें मानसिक उलझन और तनाव रहता है, वो जैसा सोचते और कल्पना करते हैं, वैसा ही दिखने लगता है। ऐसी चीजें रात या फिर एकांत में ही दिखती हैं। ऐसा ही कुछ कंप्यूटर ऑपरेटर के साथ घटित होने की संभावना है। वहीं हादसे के बाद गुरूवार को कोई भी कर्मचारी व डाॅक्टर काउंटर कक्ष के आसपास नहीं दिखा।

Vinod Nigam
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