कुछ इस अंदाज में गुजरी बीहड में होली की शाम

कुछ इस अंदाज में गुजरी बीहड में होली की शाम
kanpur dehat

देश भर में होली का रंग लोगों पर जमकर चढ़ा, वहीं जिले की बीहड़ पट्टी में बसे गांवों में दिन भर उड़े रंग और गुलाल के बाद देर शाम फाग का होरियाना अंदाज़ देखने को मिला

कानपुर देहात. देश भर में होली का रंग लोगों पर जमकर चढ़ा। वहीं जिले की बीहड़ पट्टी में बसे गांवों में दिन भर उड़े रंग और गुलाल के बाद देर शाम फाग का होरियाना अंदाज़ देखने को मिला। शाम होते ही गांवों में फाग गायकों की टोलियां ढोलक, मजीरे व झींकों की धुनों पर 'उड़त अबीर गुलाल बिरज मा होली खेलै नंदलाल एवं होली खेलै रघुवीरा अवध मा होली खेलै रघुवीरा' पर थिरकते रहे। गांवों के चबूतरे पर लोग झुंड बनाकर बैठे। जिसके बाद फाग का जुनून सिर चढ़कर बोलने लगा। ग्रामीणों ने ठंडाई पीकर नई धुनों पर फाग गाकर लोगों को मदमस्त कर दिया। देखा जाए तो होली पर फाग का रंग निराला होता है।

यमुना बीहड के गांवों शाहजहांपुर, बिझौना, बैजामऊ, बेहमई, हरिहरपुर, खोजारामपुर, महेशपुर, ऊमरपुर, भाल, दमनपुर आदि गांवों में शाम ढलते ही फाग गायकों की जमात ढोलक, मजीरों व झींको की थाप पर 'फगुना तोरी अजब बहार गोरी
मचल रही नैनन मा' के अतिरिक्त सांझ भये दिन चले भवन का बदरा जोर करें है' पर झूमती रही। शाहजहांपुर में श्रीकांत शास्त्री की टीम ने सांझ भये दिन चले भवन का बदरा जोर करे है। आदि होली गीतों से फागुनी रंग जमाया।

वहीं रसूलाबाद के धर्मगढ़ मंदिर में बंशी प्रदीप की टीम व बैरीसाल के मिजाजी की टीम ने कैलाश से चले महादेव नंद गांव तक आये व ब्रज में श्याम मचाए होरी' गाकर माहौल को भक्तिमय बना दिया।  इस बीच में फाग गायकों ने ठुमके लगाकर फाग का रसमयी आनंद दुगुना कर दिया। दोनों टीमों में हुई जोरदार प्रतियोगिता के चलते श्रोताओं को भरपूर आनंद प्राप्त हुआ।
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