फर्जी ग्राहकों से नकली सोना जमा कराकर दे दिया गोल्ड लोन

एचडीएफसी बैंक अधिकारियों ने की ३ करोड़ की हेराफेरी
खुलासा होने पर अफसर फरार, परिजनों को हिरासत में लिया गया

 

कानपुर। गजब, अब तो बैंक के अधिकारी ही उसे चूना लगाने लगे हैं। एचडीएफसी बैंक के अधिकारियों ने गोल्ड लोन के नाम पर ३ करोड़ की भारी रकम दबा ली और फरार हो गए। मामला खुलने के बाद अब घोटालेबाजों की तलाश की जा रही है। उन पर दबाव बनाने के लिए उनक परिजनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इसे अलावा बैंक की आंतरिक १५ सदस्यीय टीम भी जांच कर रही है।

वैल्युअर के साथ मिलकर किया खेल
दरअसल गोल्ड लोन प्रक्रिया में वैल्युअर की अहम भूमिका होती है। सोने के जेवरों की असल कीमत का आंकलन कर उसका ७५ फीसदी लोन दिया जाता है। जेवरों की क्वालिटी और कीमत का अंदाजा बैंक के वैल्युअर ही बताते हैं। उनकी रिपोर्ट के आधार पर ही बैंक अधिकारी लोन की रकम तय करते हैं। ये वैल्युअर ट्रेंड होते हैं और सोने की क्वालिटी की पहचान रखते हैं, इसलिए ये जो कह देते हैं उसे मान लिया जाता है। यहां घोटालेबाज अफसरों ने वैल्युअर को अपने साथ मिला लिया और नकली जेवरों या कम सोने वाले जेवरों की ज्यादा कीमत बताकर लोन मंजूर करा दिया।

नकली ग्राहकों के साथ डेढ़ साल से चल रहा था घोटाला
यह सारा खेल पिछले डेढ़ साल से चल रहा था। वैल्युअर और बैंक अधिकारियों ने इसके लिए बाकायदा नकली ग्राहक भी तैयार किए थे। ये नकली ग्राहक इसी रैकेट के सदस्य थे, जो नकली और मिलावटी सोने वाले जेवर लेकर आते थे। वैल्युअर इस सोने को बेहतर क्वालिटी का बताकर लोन में बड़ी रकम दिलवा देते थे। ऐसा करते-करते करीब तीन करोड़ रुपए का लोन दिलवा दिया गया, जबकि इसके एवज में जमा सोने की वैल्यू बहुत कम है। इसका खुलासा एक गंाठ की क्वालिटी दूसरे वैल्युअर के जांचने पर हुआ।

 

आलोक पाण्डेय
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