कार्डियोलॉजी की वेटिंग से मिलेगी राहत, हैलट में भी शुरू होगा दिल का इलाज

कार्डियोलॉजी की वेटिंग से मिलेगी राहत, हैलट में भी शुरू होगा दिल का इलाज

Alok Pandey | Publish: May, 16 2019 02:22:24 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

इको जांच की सुविधा एक हफ्ते में होगी चालू,
दिल के विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे दिल का इलाज

कानपुर। हृदयरोगियों के लिए राहत भरी खबर है। अब कार्डियोलॉजी की वेटिंग में रहने की जरूरत नहीं पड़ेगी। हैलट अस्पताल में भी अब दिल के रोगियों का इलाज शुरू हो जाएगा। हैलट अस्पताल में दिल के मरीजों को इको जांच की सुविधा एक सप्ताह के अंदर मिलने लगेगी। दूसरी बार मशीन का ट्रायल सफल रहा। जांच की सुविधा मेडिसिन विभाग में उपलब्ध कराई गई है।

समय से होगी जांच, तुरंत मिलेगा इलाज
हैलट में इको जांच की सुविधा ठप होने से मरीजों को हैलट से कार्डियोलॉजी जाना पड़ता था। जिस कारण वहां एक सप्ताह से अधिक समय की वेटिंग सूची चल रही है। जिससे मरीजों की समय से जांच नहीं हो पाती है। ओपीडी के साथ भर्ती मरीजों के लिए दिक्कत है। एक विशेषज्ञ डॉक्टर का कहना है कि ईसीजी के बाद इको सामान्य जांच है। अगर मरीजों को अस्पताल में इको जांच की सुविधा मिल जाए तो समय पर इलाज हो सकेगा। कुछ मरीज तो जांच के लिए जाते हैं मगर वापस नहीं आते हैं। इससे मरीजों का ही नुकसान होता है।

विशेषज्ञ डॉक्टर करेंगे इलाज
विभागाध्यक्ष प्रो. रिचा गिरि का कहना है कि जल्द की मरीजों को जांच की सुविधा मिल जाएगी। विभाग में दिल के विशेषज्ञ डॉक्टर भी उपलब्ध हैं मरीजों को इसका लाभ मिलेगा।
कार्डियोवैस्कुलर सर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. आरके वर्मा का कहना है कि सर्जरी विभाग के तीन जूनियर डॉक्टरों को रोटेशन में प्रशिक्षित करेंगे। इनमें दो छात्र एमएस द्वितीय वर्ष के हैं और एक छात्र एमएस तृतीय वर्ष के हैं। इसी दौरान छात्र हार्ट सर्जरी की अनय जटिलताओं को समझ सकेंगे। इस तरह के प्रशिक्षण से निश्चित तौर पर छात्रों के साथ मरीजों को लाभ होगा।

जूनियर डॉक्टर करेंगे दिल की सर्जरी
जनरल सर्जरी के साथ हैलट अस्पताल के जूनियर डॉक्टर दिल की सर्जरी में भी पारंगत होंगे। इसके लिए कार्डियोलॉजी में उनकी ड्यूटी लगाई गई है। चिकित्सा शिक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत जूनियर डॉक्टरों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। यह प्रशिक्षण सर्जरी विभाग के जूनियर डॉक्टरों को ऐसी सर्जरी के बारे में भी पढ़ाना है जिसकी पढ़ाई हैलट अस्पताल में नहीं होती है और ऐसी सर्जरी जनरल सर्जन को जानना जरूरी है। इमरजेंसी में उन्हें यह काम आएगी। इन सर्जरी में थोराक्टॉमी, सर्जरी के दौरान हड्डी की बारीक नसों को जोडऩा, धमनियों को जोडऩा, वैस्कुलर सर्जरी, चेस्ट इंजरी के दौरान मरीज को कैसे राहत दें? यह सभी जटिल सर्जरी की श्रेणी में आती है। इस तरह की सर्जरी जब जनरल सर्जन सीखेंगे तो इसका लाभ मरीजों को मिलेगा।

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