कश्मीर में ढेर हुए आतंकी रियाज ने यूपी को दहलाने का बनाया था प्लान

कानपुर नगर था निशाने पर, आतंकी कमरुज्जमा का आका था नायकू

कानपुर। भारतीय सेना ने कश्मीर के पुलवामा में हुई मुठभेड़ में जिस हिज्बुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर को मार गिराया, वह घाटी में कई बड़ी वारदातों में शामिल था। आतंकी रियाज नायकू के मारे जाने से कश्मीर में आतंकवाद को झटका लगा और साथ ही कानपुर शहर से भी बड़ा संकट टल गया है। दरअसल मारे गए इस आतंकवादी ने अपने चेले के साथ मिलकर शहर पर आतंकवादी हमले की साजिश रची थी। उसका गुर्गा आतंकी कमरुज्जमा शहर के चकेरी इलाके से पकड़ा गया था। उस दौरान पूछताछन में उसने भी कई बड़े खुलासे किए थे।

शहर के कई मंदिर थे निशाने पर
सेना के हाथों मारा गया हिज्बुल मुजाहिदीन का शीर्ष कमांडर रियाज नायकू कानपुर के चकेरी से पकड़े गए आतंकी कमरूज्जमा का आका था। करीब दो साल पहले दोनों मिलकर कानपुर में आतंकी घटना को अंजाम देने वाले थे, लेकिन इसी बीच कमरूज्जमा गिरफ्तार हो गया और हमला नहीं हो पाया। एनआईए के सूत्रों के मुताबिक कमरूज्जमा उर्फ कमरुद्दीन रियाज ने कानपुर के कई प्रमुख मंदिरों पर हमला करने की योजना तैयार की थी।

सितंबर २०१८ में एटीएस ने दबोचा था
कमरूज्जमा को चकेरी से सितम्बर 2018 में एटीएस ने गिरफ्तार किया था। इस ऑपरेशन में एनआईए की टीम भी शामिल थी। पूछताछ में आतंकी ने कई राज उजागर किए थे। जब पुलवामा में सेना के ऑपरेशन में रियाज नायकू मारा गया तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ। एनआईए ने लखनऊ कोर्ट में जिस कमरूज्जमा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी उसी चार्जशीट में दुर्दांत आतंकवादी रियाज नायकू का नाम भी शामिल है। खुफिया एजेंसी की विवेचना में यह तथ्य सामने आए थे कि कानपुर में रेकी के दौरान कमरूज्जमा बराबर रियाज नायकू के संपर्क में था और उसे फोन पर सूचनाओं का आदान-प्रदान करता था।

दिन में कई बार होती थी बात
चकेरी से एटीएस के हत्थे चढ़े कमरूज्जमा की कॉल डिटेल रिपोर्ट बताती है कि रियाज नायकू से एक दिन के भीतर उसने दस से ज्यादा बार बात की। हर कॉल में तकरीबन 10 से 15 मिनट तक बात की गई। कई-कई बार आधे घंटे तक भी दोनों आतंकियों के बीच वार्ता हुई। कोर्ट में जो केस चल रहा है उसमें कॉल डिटेल शामिल की गई है। उसमें कमांडर से बातचीत के सबूत हैं। इसीलिए चार्जशीट में भी नायकू का नाम भी शामिल किया गया था। अभी और जांच चल रही है।

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आलोक पाण्डेय
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