लॉकडाउन के बीच परीक्षा कार्यक्रम लागू होने पर मचा हडक़ंप

छात्रों के साथ प्रधानाचार्य भी हो गए परेशान, फर्जी होने पर ली राहत की सांस
आईसीएसई के परीक्षा कार्यक्रम के व्हाट्सएप पर वायरल होने से हुआ ऐसा

कानपुर। पूरे देश में १४ अप्रैल तक लॉकडाउन है। कोरोना के संक्रमण की चेन टूटने के लिए स्कूल, कॉलेज बंद हैं और सारी परीक्षाएं भी स्थगित चल रही हैं। ऐसे में आईसीएसई का परीक्षा कार्यक्रम जैसे ही व्हाट्सएप पर वायरल हुआ तो लोगों में हडक़ंप मच गया। किसी को समझ में नहीं आया कि भला लॉकडाउन के बीच परीक्षा कार्यक्रम कैसे लागू किया जा सकता है। सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों को हुई। पूछताछ करने पर बाद में जब यह पता चला कि यह परीक्षा कार्यक्रम फर्जी है, तब जाकर लोगों को सुकून मिला।

प्रधानाचार्यों के पास पहुंच गए पत्र
गुरुवार को आइसीएसई का फर्जी परीक्षा कार्यक्रम एक तरफ वाट्सएप पर वायरल हुआ तो तमाम स्कूलों के प्रधानाचार्यों के पास काउंसिल के लेटर हेड पर परीक्षा कार्यक्रम का पत्र पहुंचा तो उन्होंने बोर्ड से इसकी जानकारी की। पता चला कि फर्जी है। परीक्षा कार्यक्रम कैसे लागू हुआ और प्रधानाचार्यों तक काउंसिल के लेटर हेड कैसे पहुंचे इस पर अभी जांच बाकी है।

काउंसिल ने बताया पत्र को फर्जी
दूसरी को अपना बचाव करते हुए काउंसिल ने साफ-साफ कह दिया कि वेबसाइट पर आया पत्र फर्जी है। काउंसिल ने यह सूचना अपलोड की और सभी को सचेत रहने के लिए कहा है। बताया गया कि लॉकडाउन के दौरान किसी भी तरह का परीक्षा कार्यक्रम जारी नहीं किया जा सकता, इसलिए छात्र परेशान ना हों। लॉकडाउन खत्म होने पर जब स्कूल खुलेंगे, उसके बाद ही इस संबंध में प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

छात्रों में मचा हडक़ंप
शीलिंग हाउस स्कूल की प्रधानाचार्य व आइसीएसई सी जोन की कन्वीनर वनिता मेहरोत्रा ने बताया कि फर्जी परीक्षा कार्यक्रम वायरल होने से कई छात्र और अभिभावकों के फोन आ चुके हैं। सभी को पत्र फर्जी होने की जानकारी दे दी गई है। परीक्षाओं की तिथि घोषित की जाएगी तो कार्यक्रम वेबसाइट पर अपलोड किया जाएगा। ऐसी किसी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें।

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आलोक पाण्डेय
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