अनदेखी से शरीर में ही बस जाता है दर्द

अनदेखी से शरीर में ही बस जाता है दर्द

Alok Pandey | Publish: Mar, 17 2019 02:03:58 PM (IST) | Updated: Mar, 17 2019 02:03:59 PM (IST) Kanpur, Kanpur, Uttar Pradesh, India

कैसा भी दर्द होने पर तुरंत कराएं इसकी जांच
किडनी की खराबी व अन्य दुष्परिणाम भी संभव

कानपुर। शरीर के किसी भी हिस्से में होने वाले दर्द को हल्के में नहीं लेना चाहिए। दर्द होने पर उसकी जांच और उपचार जरूरी हो जाता है। समय से इलाज कराने पर राहत मिल जाती है पर अगर दर्द को लेकर लापरवाही बरती गई तो इसके दुष्परिणाम भविष्य में झेलने पड़ सकते हैं। देरी करने से इलाज भी मुश्किल हो जाता है।

लापरवाही पड़ सकती है भारी
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा साकेतनगर में आयोजित कार्यशाला में जीटीबी अस्पताल के डायरेक्टर डॉ. दीपक श्रीवास्तव ने बताया कि दर्द कैसा भी हो, समय पर जांच और इलाज जरूरी हो जाता है। अगर देरी की गई तो यही दर्द लाइलाज हो सकता है। ज्यादा देरी करने पर दर्द केमिकल में परिवर्तित होकर शरीर में बस जाता है और फिर इसे ठीक कर पाना मुश्किल हो जाता है।

किडनी हो सकती खराब
पेट और उसके आसपास होने वाला दर्द किडनी की खराबी का संकेत देता है। समय से इसका इलाज राहत दे देता है पर देरी होने पर किडनी फेल हो सकती है। इसके अलावा शरीर में दर्द होने पर लोग दर्द निवारक दवाओं का सेवन करने लगते हैं, ऐसे में भी किडनी को नुकसान होता है। इसलिए दर्द निवारक दवाएं लेने से अच्छा है दर्द का समुचित उपचार।

चक्कर आने की बीमारी लाइलाज नहीं
कंसलटेंट न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. बीपी सिंह राठौर ने बताया कि चक्कर आना एक आम लक्षण है। इसे कई नामों से जाना जाता है, जैसे दौरा, लडख़ड़ाना घुमनी, चलने में परेशानी होना और गिरना। इसके इलाज के पूर्व वजह जानना जरूरी होता है। इस बीमारी को लेकर कई भ्रम हैं, यह बीमारी लाइलाज नहीं है, इसका भी इलाज संभव है। इसलिए इस बीमारी को लेकर कोई संशय न पालें और लक्षण दिखने पर विशेषज्ञ से मिलकर सलाह लें।

 

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