आईआईटी कानपुर के पुरातन छात्रों के दान से भरा खजाना, जाने कहां से आ रहा डोनेशन

- भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान के पुरातन छात्रों का दिल धड़क रहा संस्थान के लिए

- कर रहे हैं संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत

By: Narendra Awasthi

Published: 20 Feb 2021, 07:13 PM IST

कानपुर. आईआईटी कानपुर के पुरातन छात्रों के द्वारा संस्थान के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए दिल खोलकर दान कर रहे हैं। संस्थान को चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 21 करोड़ रुपए का दान मिल चुका है। जो बढ़कर 25 करोड़ होने की संभावना है। वह भी ऐसे समय जब कोविड-19 काल के दौरान विश्व की अर्थव्यवस्था डांवाडोल हो। पूर्व छात्रों द्वारा किए जा रहे सहयोग से संस्थान में शिक्षा, शोध और तकनीकी को बढ़ावा मिल रहा है। इस संबंध में आईआईटी कानपुर के डीन ऑफ एल्युमिनाई ने कहा कि चालू वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा दान आ चुका है। अभी और भी बढ़ने की संभावना है।

 

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान कानपुर

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी कानपुर के एल्युमिनाई द्वारा शिक्षा, शोध और तकनीक को बढ़ावा देने के लिए सतत प्रयास जारी है। चालू वित्तीय वर्ष में एल्युमिनाई (पुरातन छात्रों) द्वारा लगभग ₹21 करोड़ दान में दिए गया हैं। भारत के अतिरिक्त जर्मनी, अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया, जापान, कोरिया में काम कर रहे पुरातन छात्र दान करने वालों में शामिल हैं। पुरातन छात्रों द्वारा मिली करोड़ों की धनराशि संस्थान के अंदर प्रयोगशाला व शोध कार्य में खर्च होता है। संस्थान में अनेक भवन व पार्क बनाया गया है। एल्युमिनाई की तरफ से वर्तमान में पढ़ाई कर रहे छात्रों को भी अलग से मदद दी गई है। जिससे वह ऑनलाइन पढ़ाई कर सके। इसके लिए लगभग 400 छात्रों को लैपटॉप के साथ ब्रॉडबैंड उपलब्ध कराया गया।

 

गुरु दक्षिणा देने वाले छात्रों में शामिल है

मदद करने वाले छात्रों में सबसे अधिक 3 करोड़ की धनराशि अमेरिका से रंजीत सिंह ने दिया है। इसके अतिरिक्त देव जुनेजा ने दो करोड़, जीत बिंद्रा, हेमंत शाह रोनो देव ने एक एक करोड़ दे दिया है। इसके अतिरिक्त भी संस्थान के कई एल्युमिनाई लाखों रुपए की मदद कर चुके हैं जो चालू वित्तीय वर्ष में लगभग 21 करोड़ रुपए है इस संबंध में डीन ऑफ एल्युमिनाई आईआईटी कानपुर प्रो. जयंत कुमार सिंह ने कहा कि एल्युमिनाई संस्थान का भरपूर सहयोग कर रहे हैं। चालू वित्तीय वर्ष में अब तक का सबसे बड़ा दान आ चुका है। जिससे शोध, शिक्षा और इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया जा रहा है।

Narendra Awasthi
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned