IIT KANPUR ने आम आदमी को दी बड़ी राहत, घटतौली की तो पकड़े जाएंगे प्रेट्रोल संचालक

मैकेनिकल विभाग के पीएचडी स्कॉलर्स ने खास तरह की डिवाइस ’फ्यूल क्वॉन्टिफायर’ बनाई, जो माबाइल के जरिए पेट्रोल की सही जानकारी उपलब्ध कराएगा

By: Vinod Nigam

Published: 14 May 2018, 05:24 PM IST

कानपुर। पेट्रोल पंप संचालकों की मनमानी को लेकर उपभोक्ता आएदिन शासन-प्रशासन के पास जाकर शिकायत दर्ज कराते थे, लेकिन उनकी सुनवाई नहीं होती थी। योगी सरकार आने के बाद यूपी के सभी जिलों में पेट्रोल पंपों पर एसटीएफ के जरिए रेड मरवाई गई, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकल। इसी समस्या से आम आदमी को निजाद दिलाने के लिए आईआईटी कानपुर के मैकेनिकल विभाग के पीएचडी स्कॉलर्स ने खास तरह की डिवाइस ’फ्यूल क्वॉन्टिफायर’ बनाई है। इसकी मदद से पेट्रोल पम्प पर होने वाली घटतौली को आसानी से पकड़ जा सकेगा। बतादें प्रदेश में 6745 पेट्रोल-डीजल पम्प हैं। पिछले दिनों एसटीएफ और ऑयल कंपनियों के अधिकारियों के छापों में 345 पम्पों पर ईंधन की चोरी पकड़ी गई थी। इनमें से अधिकतर अब भी बंद पड़े हैं।
इसके चलते किया अविष्कार
पीएचडी के स्कॉलर माधवराव लोंधे ने बताया कि हम दो दोस्त कल्याणपुर स्थित एक पेट्रोलपंप में पेट्रोल लेने के लिए बाइक से गए। पांच सौ का पेट्रोल लिया, लेकिन सौ किमी बाइक चलने के बाद टंकी खाली हो गई। हमें शक हुआ तो हम दोबारा उसी पंप पर गए और बोतल में एक लीटर पेट्रोल लिया और जब उसकी माम की तो महज 600 ग्राम ही निकला। इसी के बाद हमने तय कर लिया कि जनता को इस नुकसान बचाने के लिए खास छिवाइस बनाएंगे और उसका अविष्कार करने में हम सफल रहे। पीएचडी के स्कॉलर माधवराव लोंधे ने बताया कि जल्द ही यह फ्यूल क्वॉन्टिफायर बाजार में उपभोक्ताओं के पास उपलब्ध होगा। जो इसे बाइक व चार पहिया वाहन में लगा सकते हैं और पेट्रोल लेते समय देख सकेंगी कि जितना पैसा दिया है उतना हमें पेट्रोल मिल रहा है कि नहीं। कम पेट्रोल की जानकारी फ्यूल क्वॉन्टिफायर के जरिए उपभोक्ता को तत्काल मिल जाएगा।
मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी डिटेल
पीएचडी के स्कॉलर माधवराव लोंधे ने बताया कि यह देखने में कोन जैसी है। इसे कार, बाइक या अन्य किसी वाहन के फ्यूल टैंक में इस तरह लगाया जाएगा कि पेट्रोल या डीजल पम्प मशीन का नोजल डिवाइस के अंदर से होते हुए टंकी में जाएगा। डिवाइस को ब्लू-टूथ या फिर वाई फाई द्वारा मोबाइल फोन में डाउनलोड एक खास एप्लीकेशन से जोड़ा जाएगा। इसके बाद पेट्रोल-डीजल भरवाते ही उसकी रीडिंग कुछ ही पल में मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगी। लोंधे ने बताया कि उन्होंने इस डिवाइस को एक अन्य पीएचडी छात्र महेंद्र कुमार गोहिल की मदद से मैकेनिकल विभाग के प्रोफेसर नचिकेता तिवारी की देखरेख में तैयार किया है।
ऐप भी करेंगे लांच
स्कॉलर माधवराव लोंधे ने बताया इस डिवाइस के लिए ऐप भी लांच करने की तैयारी है। संस्थान ने इस शोध को पेटेंट करा लिया है। डिवाइस को और अपग्रेड करने का प्रयास किया जा रहा है ताकि इससे पेट्रोल-डीजल में मिलावट को भी पकड़ा जा सके। पीएचडी छात्र महेंद्र कुमार गोहिल ने बताया कि इस ऐप की यह खासियत होगी कि जब भी उपभोक्ता ईधन लेने के लिए पंप में जाएंगे और उसमें मिलावट मिलते ही एप उसे जानकारी दे देगा। पीएचडी छात्र महेंद्र कुमार गोहिल ने बताया कि यदि केंद्र या यूपी सरकार चाहे तो इस डिवाइस को खाद आपूर्ति विभाग को उपलब्ध करा सकती है। जिससे अधिकारियों को पंपों में घटतौली और मिलवाट खोरी पकड़ने में आसानी होगी। साथ पंप संचालक के खिलाफ पर्याप्त एवीडेंस मिल जाएंगे, जिसके आधार पर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकेंगे।
कुछ इस तहर से करती है काम
फ्यूल क्वॉन्टिफायर डिवाइस प्रति यूनिट टाइम के हिसाब से तेल मापती है। नोजल से टंकी में तेल जाने की गति चाहे तेज हो या फिर धीमी, उसका असर रीडिंग पर नहीं पड़ता। डिवाइस में कई सेंसर लगे हैं। सबसे पहले तेल मैग्नेटिक रोटर में जाता है। इसमें लगे ब्लेड घूमने लगते हैं और तेल की रीडिंग आने लगती है। डिवाइस की रीडिंग एकदम सही आती है, लेकिन सेंसर में गड़बड़ी होने पर कुछ अंतर आ सकता है। यह अंतर 1000 एमएल में 5 एमएल का हो सकता है। छात्रों ने कहा कि डिवाइन बनकर तैयार है और जल्द ही अजार में उपभाक्तों के लिए उपलब्ध होगी। अभी इकसती कीमत तय नहीं है। फिर से यह ज्यादा महंगी नहीं होगी। इसे आम इंसान आराम से खरीद सकता है।

Vinod Nigam
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