पाकिस्तान की शामत आएगी, सेना के मददगार बनेंगे आईआईटी के हल्के ड्रोन

दैवीय आपदाओं और सैन्य आपरेशन में हथियार भी पहुंचाने में सक्षम

कानपुर। आपातकाल में सेना तक राहत सामग्री जैसे राशन और दवाइयां पहुंचाने की समस्या को आईआईटी कानपुर ने हल कर दिया है। आईआईटी के एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग ने ऐसे दो मानव रहित यान बनाए हैं जो किसी भी दुर्गम स्थान में उड़ान भरने में सक्षम हैं। ये अपने साथ राशन-दवाईयां भी ले जा सकते हैं। ये हेलीकॉप्टर एयरोस्पेस इंजीनियरिंग विभाग के डॉ. अभिषेक व डॉ. मंगल कोठारी के निर्देश में पीएचडी व रिसर्च स्कॉलर छात्रों ने बनाए हैं। भारतीय सेना ने भी इन्हें अपने बेड़े में शामिल करने की इच्छा जताई है।

हाईटेक तकनीक से लैस हैं ये ड्रोन
एक मानव रहित हेलीकॉप्टर बड़ा और दूसरा छोटा है। दोनों में कैमरा, सेंसर, सर्विलांस सिस्टम और है। इसमें क्रमश: 6.0 हार्स पावर व छोटे में 3.2 हार्स पावर का इंजन लगाया गया है। ये पेट्रोल से उड़ान भरने में सक्षम हैं। एक में पांच लीटर और दूसरे में ढाई लीटर का टैंक है। बड़े हेलीकॉप्टर में दो रोटार हैं। इसे रिमोट के सहारे उड़ाकर किसी भी स्थिति-स्थान पर दस किलो वजन तक राशन, दवाईयां व अन्य सामान पहुंचाया जा सकता है। इसमें कई ऐसे पार्ट्स का प्रयोग किया गया है, जो पूरे देश में कहीं नहीं बनते हैं। इन्हें संस्थान के वैज्ञानिकों ने आईआईटी की लैब में खुद तैयार किया है।

सर्विलांस में भी हो सकता इस्तेमाल
दूसरे ड्रोन में एक रोटार है। इसका इस्तेमाल सर्विलांस के लिए भी किया जा सकता है। ये किसी भी क्षेत्र में संदिग्ध उडऩे वाले वजन के ड्रोन को कैप्चर भी कर सकते हैं। सामान्य ड्रोन की अपेक्षा में ये दोनों छह गुना अधिक समय तक हवा में रह सकते हैं। आईआईटी की एयर स्टिप के अलावा लद्दाख और पोखरण में इनका सफल परीक्षण किया जा चुका है। मानवरहित यान बनाने वाले छात्रों ने इसे अधिक संख्या में बनाने के लिए एंड्योर एयर सिस्टम नाम की स्टार्टअप कंपनी भी बनाई है।

केंद्रीय मंत्री ने दी बधाई
मंगलवार को मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने ट्वीट कर इन दोनों हेलीकॉप्टरों को आंतरिक सुरक्षा के लिए मददगार बताया। वह पिछले दिनों स्थापना दिवस पर आईआईटी कानपुर आए थे। इसके साथ ही यहां वैज्ञानिकों ने उन्हें इस मानवरहित ड्रोन की खूबियां बताई थीं। एचआरडी मंत्री ने आईआईटी कानपुर की इस उपलब्धि पर मानवरहित ड्रोन का वीडियो अपलोड कर पूरी टीम को बधाई दी।

Show More
आलोक पाण्डेय
और पढ़े
हमारी वेबसाइट पर कंटेंट का प्रयोग जारी रखकर आप हमारी गोपनीयता नीति और कूकीज नीति से सहमत होते हैं।
OK
Ad Block is Banned