कोरोना से बचने के लिए दुनिया भर को कानपुर आईआईटी का मिला सहारा

आईआईटी का श्वासा मास्क प्रदूषण के साथ कोरोना वायरस से बचाव में सक्षम
दुनिया में फैलते वायरस के कारण श्वासा मास्क एन-९५ की मांग दस गुना बढ़ी

कानपुर। आईआईटी में प्रदूषण से बचाव के लिए तैयार किए गए श्वासा मास्क का नया वर्जन कोरोना वायरस को रोकने में सक्षम है। इसी वजह से दुनिया भर से आईआईटी में श्वासा मास्क की मांग हो रही है। जैसे-जैसे कोरोना फैल रहा है, मास्क की मांग बढ़ती जा रही है, जो पहले की अपेक्षा अब दस गुना ज्यादा हो चुकी है। यह मास्क नैनो वायरस के साथ नमी को भी दूर रखता है। इसकी खासियत की वजह से यह दुनिया भर में चर्चित हो चुका है।

एन-९९ मास्क
आईआईटी के पूर्व छात्र डॉ. संदीप पाटिल ने प्रदूषण से बचने के लिए मास्क एन-99 बनाया था। जिसे नाम दिया गया श्वासा। इस मास्क के जरिए लोगों को प्रदूषण मुक्त सांस मिलती है। केमिकल इंजीनियरिंग से पीएचडी करने वाले डॉ. संदीप ने अपनी कंपनी ई-स्पिन के तहत मास्क बनाना शुरू किया। संदीप के अनुसार, नैनो फाइबर का प्रयोग कर मास्क एन-99 तैयार किया। यह हर तरह के प्रदूषण में प्रभावी साबित हुआ। इस मास्क से धूल-धुआं नहीं बल्कि बैक्टीरिया से भी बचत होती है। यह मास्क एन-99 श्वासा लोगों के बीच काफी लोकप्रिय है।

एन-९५ मास्क
डॉ. संदीप ने बताया कि एन-९९ श्वासा मास्क की सफलता से वह बेहद उत्साहित हुए। इसी बीच जब दुनिया में कोरोना वायरस का प्रभाव बढऩे लगा तो उन्होंने इससे बचाने वाले मास्क पर शोध शुरू किया और मास्क एन-99 में बदलाव कर एन-95 श्वासा तैयार किया। इसमें फिल्टर को डबल कर दिया गया है। साथ ही इसका फैब्रिक हाइड्रोफैब्रिक किया गया है। इससे नमी भी मास्क तक नहीं पहुंचती है। वहीं नैनो आकार वाले वायरस भी मास्क के अंदर नहीं जा पाते हैं। इसका स्टेटिक चार्ज बढ़ा दिया गया है। इससे, जो नैनो पार्ट मास्क में आते हैं, वे अंदर जाने के बजाय वहीं फंस जाता है। इससे शरीर को नुकसान नहीं पहुंचता है।

देश-विदेश में बढ़ी मांग
आईआईटी के श्वासा की मांग सिर्फ देश में नहीं बल्कि विदेशों में भी तेजी से बढ़ रही है। डॉ. संदीप ने बताया कि जिन देशों में कोरोना का खौफ अधिक है, वहां मांग भी अधिक है। इटली, जापान में सबसे अधिक मांग है। वहीं अमेरिका, यूरोप, कैलीफोर्निया, पोलैंड, आयरलैंड जैसे 9 देशों से भी लगातार मास्क श्वासा की मांग हो रही है। देश में सबसे अधिक मांग दिल्ली, अहमदाबाद और जयपुर से हो रही है।

आलोक पाण्डेय
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