आईआईटी कानपुर पूरी करेगा देश में वेंटीलेटर की कमी, जल्द शुरू होगा उत्पादन

संस्थान में बने पोर्टेबल वेंटीलेटर की टेस्टिंग रही सफल
पहले चरण में आईआईटी बनाएगा २००० वेंटीलेटर

कानपुर। कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों के कारण देश में वेंटीलेटर की जरूरत भी बढ़ती जा रही है। इसे देखते हुए अब आईआईटी ने वेंटीलेटर की कमी को पूरा करने का जिम्मा उठाया है। पहले चरण में आईआईटी २००० पोर्टेबल वेंटीलेटर तैयार करेगा। पांच या छह जून से इसका उत्पादन शुरू हो जाएगा। आईआईटी के निर्देशन में रक्षा मंत्रालय का उपक्रम बीडीएल (भारत डायनामिक्स लिमिटेड) पोर्टेबल वेंटीलेटर बनाएगा।

टेस्टिंग में सफल रहा वेंटीलेटर
आईआईटी कानपुर के पोर्टेबल वेंटीलेटर की सभी टेस्टिंग पूरी हो गई है। सभी जांचों में खरा उतरने के बाद अब इसके उत्पादन की तैयारी की जा रही है। आईआईटी कानपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक प्रो. अमिताभ बंद्योपाध्याय और संस्थान की स्टार्टअप कंपनी नोवा रोबोटिक्स ने मिलकर पोर्टेबल वेंटीलेटर बनाया है। इसका प्रोटोटाइप पास होने के बाद उसे विभिन्न जांच के लिए भेजा गया था। करीब एक माह की जांच के बाद यह आईईसी के सर्टिफिकेशन के लिए जरूरी सभी टेस्ट पास कर चुका है। ट्रायल के रूप में आईआईटी के पोर्टेबल वेंटीलेटर का प्रयोग पुणे के एक अस्पताल में चल रहा है।

मेक इन इंडिया का बेजोड़ नमूना
आईआईटी के वैज्ञानिकों का दावा है कि यह देश में अपनी तकनीक पर बना पहला पोर्टेबल वेंटीलेटर है। प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भरता के आह्वान में आईआईटी कानपुर का यह योगदान बड़ा बदलाव लाएगा। इससे स्वास्थ्य के क्षेत्र में देश आत्मनिर्भर बन सकेगा। इसके अलावा आईआईटी ने पीपीई के क्षेत्र में भी देश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काफी काम किया है।

तकनीकी खूबियों से भरपूर वेंटीलेटर
आईआईटी में तैयार हुआ यह पोर्टेबल वेंटीलेटर आकार में छोटा, सस्ता, अत्याधुनिक व मोबाइल से ऑपरेट होने वाला है। इसे इधर उधर ले जाना भी काफी आसान है। प्रो. बंद्योपाध्याय ने बताया कि पांच या छह जून से इसका उत्पादन शुरू होने की उम्मीद है। संस्थान के निदेशक प्रो. अभय करंदीकर ने बताया कि जल्द ही इसका प्रयोग देश के अस्पतालों में शुरू हो जाएगा।

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आलोक पाण्डेय
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