आईआईटी की तकनीक से बिजली की खपत का मिलेगा अनुमान, उसी आधार पर होगी आपूर्ति

सबस्टेशनों पर लोड कम होने के साथ बिजली की बचत होगी
खपत के अनुमान से अधिक लोड हुआ तो कट जाएगी बिजली

कानपुर। बिजली चोरी और बर्बादी रोकने के लिए अब आईआईटी ने बिजली की खपत का पूर्वानुमान लगाने की तकनीक विकसित की है। इससे पता लग जाएगा कि किस इलाके में दिन, हफ्ता, महीना और साल भर का कितना लोड है, फिर उसी आधार पर उस क्षेत्र में बिजली की आपूर्ति दी जाएगी। इस तकनीक के चलते अगर अनुमान से अधिक लोड हुआ तो उसी समय उस क्षेत्र की बिजली आपूर्ति अपने आप रुक जाएगी।

बचत के साथ लोड भी कम होगा
आइआइटी द्वारा विकसित की जाने वाली तकनीक में लोड के हिसाब से क्षेत्र में सप्लाई दी जाएगी, जिससे न सिर्फ बिजली की बचत होगी, बल्कि उपकरणों पर लोड भी कम रहेगा। यह सब संस्थान में बने स्मार्ट ग्रिड कंट्रोल सेंटर से होगा, जहां विभिन्न बिजली वितरण कंपनियों के साथ शोध की तैयारी हुई है। इसे लोड फोरकास्ट (भार का पूर्वानुमान) कहा जाएगा।

सौरऊर्जा से उत्पादन की मिलेगी जानकारी
आईआईटी की यह तकनीक सौर उर्जा लगाकर बिजली उत्पादन कर रहे संस्थानों के लिए फायदेमंद रहेगी। इसमें सौर उर्जा से कितनी बिजली का उत्पादन हो रहा है। उस पर लोड कितना है। कई दिन तक कितनी बिजली का उत्पादन होगा, उसकी सटीक जानकारी मिल जाएगी। इस तकनीक से वितरण कंपनियों की बचत हो जाएगी।

सॉफ्टवेयर ही काट देगा बिजली
संस्थान में तैयार सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन से ओवरलोडिंग होने पर सॉफ्टवेयर अपने आप ही फैसला लेगा कि बिजली सप्लाई बाधित करनी है या फिर उसे पहले एलर्ट जारी करना है। किसी मोहल्ले में अगर अधिक लोड हुआ तो पहले सब स्टेशन में अलर्ट मैसेज आएगा फिर उस मोहल्ले के ट्रांसफार्मर से सप्लाई कट सकती है।

ये कंपनिया मिलकर करेंगी काम
आईआईटी के इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. अंकुश शर्मा के मुताबिक कई कंपनियां काम कर रही हैं। उनके लिए उपकरण आर सॉफ्टवेयर डिजाइन किए जाएंगे। इसमें केस्को, यूपीपीसीएल, जेडीपीसीएल, टीएसएसपीडीसीएल, जेईआरसी, डीएचबीवीएन, पीवीवीएनएल, एमवीवीएनएल, डीवीवीएनएल आदि बिजली कंपनियां शामिल हैं।

आलोक पाण्डेय
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